सीधी में बच्चों से भरी स्कूल वैन पर हमला, बदमाशों ने शीशे तोड़कर चालक से को बेरहमी से पीटा, दहशत में बच्चे

Wednesday, Apr 02, 2025-03:54 PM (IST)

सीधी (सूरज शुक्ला) : सीधी जिले में कानून और प्रशासनिक व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करने वाली एक भयावह घटना सामने आई है। जहां असामाजिक तत्वों ने दिनदहाड़े बच्चों से भरी स्कूल वैन पर हमला कर दिया, गाड़ी के शीशे तोड़ दिए और चालक को बेरहमी से पीटा। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है, जिसमें मासूम बच्चे दहशत में चीखते-चिल्लाते नजर आ रहे हैं। लेकिन सवाल यह है कि क्या यह वीडियो सिर्फ एक वायरल क्लिप बनकर रह जाएगा, या फिर प्रशासन इस पर कोई ठोस कार्रवाई करेगा? प्रदेश ही नहीं, जिले में भी अब अपराधियों के मन से कानून का डर खत्म हो चुका है। हत्या, लूट, नशाखोरी, मारपीट और दंगे ऐसी घटनाएं अब रोजमर्रा की बात हो गई हैं। हालात यह हैं कि अपराधी बेखौफ होकर खुलेआम हिंसा पर उतर रहे हैं और पुलिस मूकदर्शक बनी हुई है। जब एक स्कूल वैन तक सुरक्षित नहीं, तो आम आदमी की सुरक्षा का क्या होगा?

28 मार्च 2025 की शाम करीब 5:30 बजे फरियादी ओमप्रकाश गुप्ता इंडियन एक्सीलेंसी पब्लिक स्कूल, नेबूहा की स्कूल वैन (MP53CA81470) से बच्चों को छोड़ने जा रहे थे। ग्राम मशुरिहा के पास सड़क पर राजा साकेत और चरकू साकेत नाम के दो युवक नशे की हालत में अपनी मोटरसाइकिल गिराए पड़े थे। जब वैन चालक ने उनसे रास्ता साफ करने को कहा, तो दोनों हमलावर भड़क गए, गाली-गलौच की और वैन पर हमला बोल दिया।

आरोपियों ने वैन के सामने, अगल-बगल और पीछे के शीशे तोड़ दिए, बोनट पर हमला किया, गाड़ी की लाइट, वाइपर, हॉर्न और हैंडब्रेक तक क्षतिग्रस्त कर दिए। जब चालक ने विरोध किया, तो उसे गाड़ी से घसीटकर लात-घूंसों और पत्थरों से पीटा। सबसे भयावह बात यह है कि हमले के दौरान वैन में छोटे-छोटे मासूम बच्चे मौजूद थे, जो दहशत में चीखते-चिल्लाते रहे। सवाल उठता है कि कानून-व्यवस्था का क्या हाल हो गया है, जब अपराधी बच्चों तक की सुरक्षा का लिहाज नहीं करते? स्थानीय लोगों के हस्तक्षेप के बाद बच्चों को सुरक्षित घर पहुंचाया गया, लेकिन तब तक हमलावर जान से मारने की धमकी दे चुके थे। यह कोई पहली घटना नहीं है, लेकिन क्या यह आखिरी होगी? या फिर प्रशासन इसे भी कागजों में दर्ज कर भूल जाएगा? पुलिस और जिला प्रशासन के पास भारी बल और संसाधन मौजूद हैं, लेकिन अपराधियों में कानून का डर क्यों नहीं दिखता? अगर आज इन हमलावरों को सख्त सजा नहीं दी गई, तो कल कोई और वैन, कोई और मासूम बच्चा, और कोई और निर्दोष नागरिक इस वहशियाना हिंसा का शिकार होगा।

प्रदेश के साथ साथ ही जिले में भी अब कानून के प्रति सजगता और डर अब लोगों में खत्म होता दिखाई दे रहा है। कानून व्यवस्था कुछ इस कदर बेपटरी हो गई है की कोई भी अनुचित कार्य करने से पहले लोगों के मन में कानून के प्रति खौफ दिखाई ही नहीं दे रहा है, कहीं अवैध नशे के कारोबारी बेधड़क अपने धंधे में व्यस्त हैं तो कहीं बदमाश और असमाजिक तत्व सड़कों पर बवाल मचा रहे हैं, कोई कहीं भी किसी के साथ मारपीट कर दे रहा है हालांकि कानून का कागजी घोड़ा दौडता है लेकिन महज दिखावे के लिए कानून की जो धमक होनी चाहिए अब वह नदारद है और इसका उदाहरण हाल ही में जिले में हुई काई घटनाओं से देखा जा सकता है। कहने को तो जिले में भारी पुलिस बल तैनात हैं और एक से बढ़कर एक दमदार अफसर बेहद इमानदारी से काम कर रहे हैं लेकिन इन सब के बीच आम आदमी कितना सुरक्षित है यह सवाल चिंतनीय है। हफ्ते भर की बात करें तो जिले में कई हत्या और मारपीट की घटनाओं से लोग सहमें है। इसी बीच एक बेहद मार्मिक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है जिसमें एक स्कूल वैन में छोटे छोटे मासूम बच्चे चीखते चिल्लाते नजर आ रहे हैं और कुछ लोग नशे की हालत में उसी वैन पर हमला करते कांच तोड़ते और गाली-गलौच करते नजर आ रहे हैं। मामला चाहे जो रहा हो लेकिन ऐसा कृत्य करने वालों को क्या महज कागजी कानून से शांत किया जा सकता है, क्या इन को सबक सिखाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं है।

तुरंत कठोर कार्रवाई हो

आरोपियों पर कड़ी से कड़ी धाराओं में मामला दर्ज हो और उन्हें तुरंत गिरफ्तार किया जाए। स्कूल वाहनों और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। जिले में बढ़ते अपराधों पर नियंत्रण के लिए पुलिस को सक्रिय किया जाए और रात-दिन गश्त बढ़ाई जाए। नशे के कारोबार और असामाजिक तत्वों पर विशेष अभियान चलाकर इन्हें जड़ से खत्म किया जाए।

अब कार्रवाई जरूरी है!

पुलिस को यह समझना होगा कि अगर अपराधियों को आज नहीं रोका गया, तो कल उनकी हिम्मत और बढ़ेगी। यह घटना केवल एक स्कूल वैन पर हमला नहीं है, बल्कि समाज में बढ़ती अराजकता और घटते कानून के डर का उदाहरण है। अब देखना यह है कि पुलिस और प्रशासन इस घटना को भी रुटीन केस मानकर ठंडे बस्ते में डाल देते हैं, या फिर एक उदाहरण पेश करके अपराधियों को कड़ा संदेश देते हैं!


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Content Writer

meena

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