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देहात के मंदिरों में चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश: इनामी ‘दीना महाराज’ समेत 6 गिरफ्तार, 12 वारदातों का खुलासा

Friday, Jul 24, 2026-04:30 PM (IST)

भोपाल (इजहार खान) : ग्रामीण पुलिस ने देहात क्षेत्र के मंदिरों में लगातार हो रही चोरी की वारदातों का बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने इनामी बदमाश दीनदयाल उर्फ दीना महाराज समेत 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में ईंटखेड़ी, सूखी सेवनिया और बैरसिया थाना क्षेत्रों में हुई 12 मंदिर चोरी और चोरी के प्रयास की वारदातों का खुलासा हुआ है।

मंदिरों में लगातार हो रही चोरी को देखते हुए एसपी भोपाल ग्रामीण पंकज कुमार पाण्डेय ने निरीक्षक नरेंद्र कुलस्ते के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) गठित किया था। पुलिस ने मंदिर चोरी के मामलों के खुलासे के लिए 19 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था।

SIT ने CCTV फुटेज, पुराने आपराधिक रिकॉर्ड, तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र के जरिए जांच आगे बढ़ाई। इसी दौरान सूचना मिली कि दीनदयाल उर्फ दीना महाराज अपने साथियों के साथ सूखी सेवनिया क्षेत्र के बायपास चौराहे पर मौजूद है। पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपियों को हिरासत में लिया।

पुलिस के मुताबिक पूछताछ के बाद दीनदयाल उर्फ दीना महाराज, दिनेश कुशवाहा, अकरम अली, पप्पू आदिवासी और आशाराम को गिरफ्तार किया गया। वहीं चोरी का सामान खरीदने के आरोप में आनंद उर्फ इन्द्र नारायण राजपूत को होशंगाबाद से गिरफ्तार किया गया।

ऐसे देते थे वारदात को अंजाम

पुलिस के अनुसार गिरोह पहले मंदिरों की रेकी करता था। वारदात से करीब 5 से 6 घंटे पहले मोबाइल फोन बंद कर दिए जाते थे। मंदिर बंद होने के बाद मुख्य द्वार, ताला या खिड़की-ग्रिल तोड़कर अंदर घुसते और कीमती धार्मिक सामग्री लेकर फरार हो जाते थे। गिरफ्तारी से बचने के लिए सरगना हर 3-4 महीने में अपना ठिकाना बदलता था।

आरोपियों की निशानदेही पर 16 चांदी के मुकुट, एक चांदी की थाली, चांदी जड़ित नारियल, चांदी का छत्र, चांदी का ओम चिन्ह और पीतल का घंटा बरामद किया गया है। पुलिस के मुताबिक बरामद चांदी का वजन करीब 1.5 किलो है और बरामद सामग्री की कुल कीमत करीब 4 लाख रुपये आंकी गई है।

पुलिस के अनुसार गिरोह के सरगना दीनदयाल उर्फ दीना महाराज के खिलाफ हत्या, लूट, डकैती और चोरी समेत कई गंभीर अपराध दर्ज हैं। वह 8 स्थायी वारंट और एक गिरफ्तारी वारंट में भी लंबे समय से फरार बताया गया है।

SIT हेड नरेंद्र कुलस्ते की रही अहम भूमिका

इस पूरे मामले की जांच और गिरोह तक पहुंचने में SIT हेड निरीक्षक नरेंद्र कुलस्ते की अहम भूमिका रही। उनके नेतृत्व में टीम ने तकनीकी साक्ष्य, CCTV फुटेज और मुखबिरों से मिली सूचनाओं को जोड़ते हुए कार्रवाई को अंजाम दिया। टीम में प्रधान आरक्षक मनोज वर्मा, मुश्ताक अहमद, योगेश मिश्रा तथा आरक्षक योगेश भावसार, विनोद गुर्जर और रवि सिंह की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही


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Content Writer

meena

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