नामांकन रद्द मामले में मीनाक्षी नटराजन के बड़े खुलासे, अब कर दिया इस बात का ऐलान!
Monday, Jun 22, 2026-05:00 PM (IST)
भोपाल। राज्यसभा चुनाव से जुड़ा नामांकन रद्द होने का मामला अब राजनीतिक से आगे बढ़कर कानूनी लड़ाई का रूप लेने जा रहा है। कांग्रेस की वरिष्ठ नेता Meenakshi Natrajan ने स्पष्ट कर दिया है कि वह इस पूरे प्रकरण को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में चुनौती देंगी और 45 दिनों के भीतर चुनाव याचिका दाखिल करेंगी। सूत्रों के अनुसार, मीनाक्षी नटराजन ने मीडिया से बातचीत में चुनावी प्रक्रिया और रिटर्निंग ऑफिसर के व्यवहार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि नामांकन रद्द करने का निर्णय पूरी तरह पक्षपातपूर्ण रहा और उन्हें अपनी बात रखने का पूरा अवसर भी नहीं दिया गया।
नामांकन में कोई गलती नहीं थी - नटराजन का दावा
मीनाक्षी नटराजन ने साफ कहा कि उनके नामांकन पत्र में किसी प्रकार की वैधानिक त्रुटि नहीं थी, जिसके आधार पर उसे रद्द किया जा सके। उनके अनुसार, उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं था और जिस आधार पर आपत्ति ली गई, वह केवल एक निजी शिकायत से जुड़ा लीगल नोटिस था। उन्होंने यह भी दावा किया कि नामांकन फॉर्म में ऐसा कोई कॉलम ही नहीं था, जिसमें इस तरह की जानकारी देना आवश्यक होता। वरिष्ठ वकीलों द्वारा पूरी तरह जांच के बाद नामांकन दाखिल किया गया था, इसलिए इसे रद्द किया जाना सवालों के घेरे में है।
भाजपा पर गंभीर आरोप, चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल
Indian National Congress नेता ने भारतीय जनता पार्टी पर राजनीतिक साजिश का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें जानबूझकर प्रक्रिया से बाहर रखने की कोशिश की गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नामांकन प्रक्रिया में असमान समय दिया गया - कुछ उम्मीदवारों को अतिरिक्त समय मिला, जबकि उन्हें सीमित समय में प्रक्रिया पूरी करनी पड़ी। इसको लेकर उन्होंने सवाल उठाया कि या तो निर्वाचन व्यवस्था में गंभीर खामियां थीं या फिर प्रक्रिया निष्पक्ष नहीं रही।
कांग्रेस का रुख: कानूनी लड़ाई जारी रहेगी
मीनाक्षी नटराजन ने कहा कि इस पूरे विवाद से पार्टी में किसी तरह की निराशा नहीं है। कांग्रेस इस मामले को पूरी तरह कानूनी तरीके से आगे बढ़ाएगी और न्यायपालिका पर भरोसा रखती है।उन्होंने दोहराया कि वह मध्यप्रदेश की निवासी हैं और वहीं से अपनी राजनीतिक यात्रा को आगे बढ़ाना चाहती हैं। उनका कहना है कि यह लड़ाई व्यक्तिगत नहीं बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया की पारदर्शिता से जुड़ी है।
आगे क्या?
अब यह मामला मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में याचिका दायर होने के बाद कानूनी परीक्षण से गुजरेगा। राजनीतिक गलियारों में इस घटनाक्रम को आगामी चुनावी रणनीतियों से भी जोड़कर देखा जा रहा है।

