मध्यप्रदेश में भाजपा ने शुरू की मिशन 2027-28 की तैयारी! इस रणनीति के तहत काम करेगी पार्टी
Thursday, Mar 26, 2026-05:39 PM (IST)
भोपाल : मध्य प्रदेश में भाजपा ने मिशन- 2027-28 के लिए कमर कसना शुरु कर दिया है। इस मिशन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अहम भूमिका निभाएगा यानी आरएसएस मध्यप्रदेश में उन विधानसभा सीटों पर सक्रिय भूमिका निभाएगा, जहां भाजपा 2023 के चुनाव में हार गई थी या वर्तमान में कमजोर स्थिति में है। 2027 में होने वाले नगरीय निकाय चुनाव और 2028 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए संघ और भाजपा ने अभी से रणनीतिक तैयारी शुरू कर दी है।
सूत्रों के अनुसार, संघ की योजना है कि अपने पूर्णकालिक कार्यकर्ताओं और वरिष्ठ नेताओं को इन कमजोर क्षेत्रों में तैनात किया जाए। ये नेता सीधे तौर पर चुनावी क्षेत्रों की कमान संभालेंगे और बूथ स्तर तक पहुंचकर रात्रि प्रवास करेंगे। इसका उद्देश्य संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करना और मतदाताओं से सीधा संवाद स्थापित करना है।
भाजपा और संघ दोनों के लिए मध्यप्रदेश को प्रयोग भूमि माना जाता है, इसलिए यहां संगठन को मजबूत बनाए रखने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। करीब 23 साल से सत्ता में रहने के बावजूद भाजपा कांग्रेस को लेकर सतर्क है और उन क्षेत्रों पर फोकस कर रही है, जहां पार्टी की पकड़ कमजोर हो रही है या जहां विपक्ष मजबूत है।
रणनीति के तहत पूर्णकालिक कार्यकर्ता गांव-गांव और घर-घर जाकर लोगों से संपर्क करेंगे। चौपाल लगाकर सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी दी जाएगी। साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों के साथ शिविर लगाकर स्थानीय समस्याओं का मौके पर समाधान कराने की भी योजना है, ताकि जनता का भरोसा बढ़ाया जा सके।
संगठन में समन्वय बढ़ाने पर भी खास ध्यान दिया जा रहा है। खासकर कांग्रेस से आए नए कार्यकर्ताओं और पुराने भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच तालमेल बैठाने के प्रयास किए जाएंगे। पार्टी ने यह भी तय किया है कि नगरीय निकाय चुनावों के टिकट अब संभागीय स्तर पर ही तय किए जाएंगे, जिससे कार्यकर्ताओं को भोपाल आने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
बताया जा रहा है कि जिन क्षेत्रों में भाजपा विधायक कमजोर माने जा रहे हैं या जहां असंतोष है, वहां संघ के पदाधिकारी रात्रि विश्राम करेंगे और डोर-टू-डोर अभियान चलाएंगे। साथ ही इन क्षेत्रों की समस्याओं को चिन्हित कर उनके समाधान के लिए शासन-प्रशासन से समन्वय किया जाएगा। भाजपा अब पूरी तरह मिशन मोड में नजर आ रही है और निकाय चुनावों से पहले अपनी जमीनी पकड़ मजबूत करने के लिए हर स्तर पर सक्रिय हो गई है।

