भाजपा के बड़े नेता और उनके परिवार की बेरहमी से हत्या का मामला, मुख्य आरोपी को फांसी की सजा
Thursday, Feb 26, 2026-06:30 PM (IST)
मंडला (अरविंद सोनी): मध्यप्रदेश के मंडला जिले के बहुचर्चित मनेरी हत्याकांड में न्याय का ऐतिहासिक फैसला सामने आया है। निवास स्थित अपर सत्र न्यायालय ने मुख्य आरोपी हरीष सोनी को फांसी की सजा सुनाते हुए इस जघन्य अपराध को “दुर्लभतम से भी दुर्लभ” श्रेणी में रखा है। अदालत ने साफ शब्दों में कहा — ऐसे अमानवीय अपराधों के लिए कानून में सिर्फ एक ही सजा है… मौत!
15 जुलाई 2020 — वो काली दोपहर जब मनेरी की धरती खून से लाल हो गई थी। भाजपा नेता राजेंद्र सोनी और उनके परिवार पर धारदार हथियारों से निर्मम हमला हुआ। इस दिल दहला देने वाली वारदात में दो मासूम बच्चों सहित 6 लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी गई, जबकि 4 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे।
पूरे जिले में सन्नाटा छा गया था…आक्रोश, भय और दर्द की लहर दौड़ गई थी।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
घटना के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। एक आरोपी की पहले ही मौत हो चुकी थी, जबकि मुख्य आरोपी हरीष सोनी को घायल अवस्था में पकड़ा गया। इससे पहले भी उस पर पुलिस पर हमले के मामले में सजा हो चुकी थी।
अदालत का सख्त संदेश
करीब 6 साल की लंबी सुनवाई, मजबूत सबूत और गवाहों के बयानों के बाद कोर्ट ने साफ कहा—
यह अपराध समाज की आत्मा को झकझोर देने वाला है। ऐसे अपराधियों के लिए कोई रहम नहीं।
पीड़ित परिवार को मिली न्याय की किरण
छह वर्षों के इंतजार के बाद आया यह फैसला पीड़ित परिवार के लिए राहत और इंसाफ की रोशनी बनकर सामने आया है। साथ ही पूरे समाज को कड़ा संदेश भी मिला है—
“निर्दोषों के खून से हाथ रंगने वालों को कानून कभी माफ नहीं करता।”
मंडला में यह फांसी की सजा का दूसरा बड़ा मामला माना जा रहा है। अब जिले में हर जुबां पर एक ही बात है.. “देर है… पर अंधेर नहीं!”

