कपड़े उतारकर पानी की टंकी में कूदने पहुंचे कांग्रेस पार्षद,बोले- जनता को पानी नहीं मिला तो मरुंगा या मारुंगा,कर्मचारी बनाए बंधक
Wednesday, Apr 22, 2026-04:07 PM (IST)
(ग्वालियर): मध्य प्रदेश के ग्वालियर से एक बेहद ही हैरान करने वाली खबर सामने आई है। इस खबर के सामने आने के बाद हर कोई दंग है। पानी की समस्या को लेकर पार्षद ने आधी रात ऐसा हाईवोल्टेज ड्रामा किया कि पूरे प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया। वार्ड नंबर 14 के पार्षद और मेयर-इन-काउंसिल सदस्य विनोद उर्फ माठू यादव बीती रात जो किया उससे हर कोई हिल गया।
जानकारी के मुताबिक पार्षद विनोद नूरगंज स्थित पानी की टंकी पर जा पहुंचे। कहा जा रहा है कि वो टंकी में कूदने के लिए कपड़े तक उतार चुके थे और इस दौरान गुस्साए स्थानीय लोगों ने निगम के कर्मचारियों को बंधक बना लिया।
दरअसल एमआईसी सदस्य कांग्रेस पार्षद विनोद यादव माठू देर रात वार्ड में पानी की समस्या से परेशान होकर कपड़े उतारकर नूरगंज स्थित टंकी में कूदने के लिए पहुंच गए। पार्षद का आरोप है कि टंकी को सबसे आखिर में भरा जाता है। पिछले कई दिनों से एक दिन छोड़कर टंकी भरी जा रही है।
वार्ड क्रमांक 14 में नूरगंज इलाके के साथ ही आसपास के क्षेत्र में पानी संकट से गुस्साए कांग्रेस पार्षद विनोद उर्फ माठू यादव ने खूब हो हल्ला किया। टंकी न भरे जाने से पार्षद इतने नाराज थे कि आत्महत्या करने की नीयत से टंकी में कूदने को उतारू हो गए।
जैसे ही पार्षद के टंकी पर चढ़ने और कूदने के प्रयास की खबर लोगों को पता चली जनता भी मौके पर एकत्र हो गई। कपड़े उतारे खड़े पार्षद को देखकर लोग भी गुस्सा गए और लोगों ने मौके पर पहुंचे नगर निगम के कर्मचारियों को बंधक बना लिया। पार्षद माठू यादव ने चेतावनी देते हुए कहा कि जनता को पानी दिलाने के लिए वह ‘मरेंगे या मारेंगे।
पार्षद ने कहा कि वो लंबे समय से अधिकारियों से गुहार लगा रहे हैं, लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं है। जनता प्यासी मर रही है। अगर जनता को पानी नहीं मिलेगा, तो वह जनता के हक के लिए मर भी सकते है और मार भी सकते है।
प्रदर्शन के बाद नगर निगम प्रशासन हरकत में आया
पार्षद के गुस्से और आक्रोशित जनता को देखते हुए नगर निगम प्रशासन तुरंत हरकत में आया। आनन-फानन में तकनीकी टीम को मौके पर भेजा गया और खराब मोटर के स्टार्टर को भी ठीक कराया गया। इसके बाद देर रात नूरगंज पानी की टंकी को भरा गया, तब जाकर कहीं मामला शांत हुआ । फिलहाल पार्षद के इस अनोखे विरोध के चर्चे पूरे शहर में हो रहे हैं।

