कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पद पर घमासान! क्या आपस में ही भिड़ गए बड़े नेता? BJP विधायक ने खोला बड़ा राज
Saturday, May 09, 2026-05:00 PM (IST)
रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर अंदरूनी कलह अब खुलकर सामने आने लगी है। भाजपा विधायक Purandar Mishra ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी में न नेतृत्व को लेकर सहमति है और न ही नेताओं के बीच एकता बची है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के भीतर कुर्सी की लड़ाई चरम पर है और हर नेता खुद को प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ में सबसे आगे मान रहा है। पुरंदर मिश्रा ने कहा कि मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष Deepak Baij का कार्यकाल जुलाई में समाप्त हो रहा है, लेकिन अब तक वे अपनी कार्यकारिणी तक नहीं बना पाए हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस में हर नेता खुद को अध्यक्ष की कुर्सी पर देखना चाहता है। कोई नेतृत्व छोड़ने को तैयार नहीं और कोई पीछे हटने को राजी नहीं।
भाजपा विधायक ने कहा कि T. S. Singh Deo अध्यक्ष बनना चाहते हैं, वहीं Amarjeet Bhagat भी अपनी दावेदारी जता रहे हैं, जबकि दीपक बैज खुद पद पर बने रहना चाहते हैं। ऐसे में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के सामने ही असमंजस की स्थिति बन गई है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि कांग्रेस पहले अपने घर की लड़ाई सुलझाए, फिर जनता के बीच जाए।
पुरंदर मिश्रा ने कांग्रेस शासनकाल के कथित घोटालों का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि 3200 करोड़ के घोटाले के बंटवारे को लेकर भी नेताओं के बीच प्रतिस्पर्धा और खींचतान है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अब विचारधारा नहीं, बल्कि गुटबाजी और सत्ता संघर्ष की पार्टी बन चुकी है।
भाजपा विधायक ने दावा किया कि देश में कांग्रेस का जनाधार लगातार खत्म हो रहा है और भाजपा का लक्ष्य कांग्रेस मुक्त भारत है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल और असम जैसे राज्यों ने भी यह संदेश दे दिया है कि कांग्रेस की राजनीतिक जमीन कमजोर हो चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा सनातन और राष्ट्रवाद के एजेंडे पर आगे बढ़ रही है।
बिलासपुर की सीटों को लेकर भाजपा की रणनीति पर बोलते हुए पुरंदर मिश्रा ने कहा कि भाजपा कहीं भी कमजोर नहीं है। छत्तीसगढ़ से लेकर पश्चिम बंगाल तक पार्टी लगातार मजबूत हो रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने देश को पाकिस्तान बनने से बचाया और राष्ट्रहित में लगातार काम किया है।

