Punjab Kesari MP ads

कांग्रेस में ''वर्क ऑर आउट'' मॉडल लागू, 6 महीने बाद बदल सकते हैं कई जिलाध्यक्ष

Friday, Jun 26, 2026-06:11 PM (IST)

रायपुर/अभनपुर। छत्तीसगढ़ के अभनपुर में चल रहे कांग्रेस के 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर से संगठन के भीतर बड़ा राजनीतिक संदेश निकला है। कांग्रेस अब केवल पद बांटने की राजनीति नहीं, बल्कि प्रदर्शन के आधार पर नेतृत्व तैयार करने की रणनीति पर आगे बढ़ रही है। संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने जिला कांग्रेस अध्यक्षों को स्पष्ट शब्दों में बता दिया कि अब पद स्थायी नहीं होंगे। अगले छह महीने उनके कामकाज का रिपोर्ट कार्ड तैयार होगा और जो अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतरेंगे, उन्हें पद छोड़ना पड़ सकता है।

दरअसल, कांग्रेस ने हाल ही में संगठन सृजन अभियान के तहत 41 नए जिलाध्यक्षों की नियुक्ति की है। लेकिन रायपुर प्रशिक्षण शिविर में यह साफ कर दिया गया कि नियुक्ति केवल शुरुआत है, असली परीक्षा अब मैदान में होगी। बूथ स्तर पर संगठन विस्तार, जनता के बीच सक्रियता, जनसंपर्क, कार्यकर्ताओं के साथ संवाद और राजनीतिक प्रभाव जैसे पैमानों पर हर जिलाध्यक्ष का मूल्यांकन किया जाएगा। पार्टी के भीतर इसे वर्क ऑर आउट मॉडल के तौर पर देखा जा रहा है।

कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि संगठन को गुटबाजी से निकालकर प्रदर्शन आधारित व्यवस्था में बदलना समय की जरूरत है। यही वजह है कि जिलाध्यक्षों को गांव-गांव भेजा जा रहा है, बूथ स्तर पर संगठन मजबूत करने का लक्ष्य दिया गया है और उनकी नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी।

इस पूरे संदेश को राहुल गांधी के संबोधन से भी मजबूती मिली। राहुल गांधी ने कहा कि भविष्य के बड़े नेता आज जिलाध्यक्षों की कतार में बैठे हैं। वहीं केसी वेणुगोपाल ने साफ कर दिया कि बड़ा नेता वही बनेगा, जो जमीन पर परिणाम देगा। केवल पद पर बने रहना अब पर्याप्त नहीं होगा।

प्रशिक्षण शिविर में संगठनात्मक रणनीति के साथ राष्ट्रीय राजनीति पर भी चर्चा हुई। वेणुगोपाल ने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए बेरोजगारी, महंगाई, NEET और पेपर लीक, लोकतांत्रिक संस्थाओं तथा अन्य राष्ट्रीय मुद्दों को लेकर कांग्रेस की आगामी राजनीतिक रणनीति का संकेत दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी इन मुद्दों को लेकर व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाएगी।

अभनपुर का यह प्रशिक्षण शिविर अब सिर्फ कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करने का कार्यक्रम नहीं रह गया है, बल्कि 2028 विधानसभा चुनाव की संगठनात्मक नींव माना जा रहा है। कांग्रेस नेतृत्व का स्पष्ट संदेश है कि आने वाले समय में संगठन में वही टिकेगा जो जनता के बीच सक्रिय रहेगा। अगले छह महीने कई जिलाध्यक्षों के राजनीतिक भविष्य का फैसला करेंगे और यही तय होगा कि कांग्रेस का अगला नेतृत्व किस दिशा में आगे बढ़ेगा।


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Editor

Himansh sharma

Related News