डिप्टी कलेक्टर को मिली रंगीन मिजाजी की सजा,महिला कांस्टेबल से शारीरिक शोषण, गर्भपात कराने के संगीन आरोप में निलंबित

Thursday, Feb 19, 2026-02:50 PM (IST)

(बालोद): छत्तीसगढ़ से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। यहां पर डिप्टी कलेक्टर पर बड़ी कार्रवाई हुई है।  बीजापुर में पदस्थ डिप्टी कलेक्टर दिलीप उइके के खिलाफ ये कार्रवाई अमल में लाई गई है। महिला आरक्षक द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद उनको निलंबित किया गया है। महिला आरक्षक ने दिलीप उइके पर शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने, जबरदस्ती गर्भपात करवाने के साथ ही आर्थिक शोषण करने के गंभीर  आरोप लगाए थे।अब डिप्टी कलेक्टर पर गाज गिरी है।

शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण का आरोप

इस संबंध में मामला कुछ महीने पहले बालोद जिले के डौंडी थाना में दर्ज हुआ था, जिसमें महिला आरक्षक ने दिलीप उइके पर सनसनीखेज आरोप लगाकर सनसनी मचा दी थी। महिला आरक्षक ने इसके साथ ही मुख्य सचिव को आवेदन देकर शिकायत की है। आरोप लगाया गया कि जिला प्रशासन बीजापुर द्वारा डिप्टी कलेक्टर को संरक्षण देते हुए फर्जी प्रमाण पत्र जारी किया गया।

महिला आरक्षक ने क्या लगाए हैं आरोप?

महिला आरक्षक ने शिकायत में बताया है कि साल 2017 में वह डौंडी स्थित आईटीआई से पढ़ाई करती थी। इस दौरान उसकी मुलाकात  दिलीप उइके से हुई। धीरे-धीरे ये मुलाकत नजदीकियों में बदल गई। फिर वो इतने करीब आ गए कि मामला  प्रेम संबंध तक पहुंच गया। दिलीप ने शादी का वादा करके उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए और फिर ये सिलसिला चलता गया।

नौकरी लगने के बाद भी करता रहा शोषण

महिला ने आरोप लगाते हुए कहा कि जब  2017 में उसने  पहली बार अपने गर्भवती होने के बारे में डिप्टी कलेक्टर को बताया तो उसने पढ़ाई पूरी करने और नौकरी न मिलने तक शादी को टालने को कहा औऱ इस दौरान जबरदस्ती दवा देकर गर्भपात करवाया दिया ।

लेकिन अगस्त 2017 में महिला की पुलिस विभाग में नौकरी लग गई। महिला का आरोप है कि उसने इस दौरान दिलीप को पढ़ाई, कोचिंग के लिए हर महीने पैसे दिए। वहीं साल 2020 में दिलीप डिप्टी कलेक्टर बन गए। लेकिन नौकरी लगने के बाद भी दिलीप झांसे ही देता रहा। लिहाजा महिला की शिकायत पर FIR दर्ज की गई थी और अब डिप्टी कलेक्टर को निलंबित करके आगे का एक्शन कर दिया गया है। इस फैसले से हड़कंप है।

 


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Content Editor

Desh Raj

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