कांग्रेस पूर्व कैबिनेट मंत्री ने पूर्व दिग्विजय सरकार को लेकर किया बड़ा खुलासा,दावे से प्रदेश में हलचल, वरिष्ठ नेताओं में हड़कंप
Saturday, Apr 18, 2026-07:33 PM (IST)
(भोपाल): देश में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण को लेकर पक्ष और विपक्ष में जमकर बयानबाजी और आरोप प्रत्यारोप लगाए जा रहे हैं। इस मुद्दे पर जमकर सियासत हो रही है। लेकिन इसी बीच कांग्रेस की पूर्व मंत्री ने अपनी ही पूर्व की कांग्रेस सरकार पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मध्य प्रदेश में कांग्रेस के बीच तनातनी बढ़ाने वाली खबर सामने आ रही है। कांग्रेस की पूर्व मंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की तत्कालीन सरकार पर जमकर हमला बोला है और सवाल उठाए हैं। इन आरोपों के सामने आने के बाद घमासान मच सकता है। दरअसल पूर्व मंत्री विजयलक्ष्मी साधौ ने भरे मंच से दिग्गी सरकार पर सवाल उठा दिए हैं।साधौ ने कहा है कि कांग्रेस के कई धुरंधर नेता थे जो उस दौर में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण देने के खिलाफ थे।
कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्षों के सम्मेलन में साधौ का तत्कालीन दिग्विजय सरकार पर निशाना
दरअसल भोपाल के रवीन्द्र भवन में आयोजित कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्षों के सम्मेलन में साधौ ने दिग्विजय सिंह सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा है कि उस समय पहली बार महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की बात आई थी, तब कैबिनेट के बड़े-बड़े नेताओं इसका विरोध किया था । कांग्रेस की वरिष्ठ नेत्री और पूर्व मंत्री विजयलक्ष्मी साधौ ने इस तरह से खुद की ही पार्टी पर सवाल खडे करके सनसनी मचा दी है।
साधौ ने महिला आरक्षण पर सवाल उठाने वालों के नाम बताए
विजयलक्ष्मी साधौ ने कहा कि 1985 का दौर राजीव गांधी का था, जिन्होंने महिलाओं और युवाओं को प्राथमिकता दी थी। उसी समय वे विधायक बनीं और तब अविभाजित मध्यप्रदेश में 32 महिलाएं चुनकर आई थीं। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के मंत्रिमंडल को लेकर बात करके हुए साधौ ने कहा कि जब 33 प्रतिशत आरक्षण की बात आई, तब कैबिनेट में सुभाष यादव, राजेन्द्र शुक्ला, प्यारेलाल कंवर जैसे बड़े नाम थे लेकिन ये सब एक सुर में कह रहे थे कि जो महिलाएं किचन और घूंघट से बाहर नहीं आतीं, उनके लिए 33 प्रतिशत आरक्षण कहां से लाएंगे? यही नहीं साधौ ने आगे बढ़ते हुए कहा कि जब चुनाव हुए तो उन्हीं महिलाओं ने 33 प्रतिशत के मुकाबले 38 प्रतिशत सीटें जीतीं और अपनी ताकत का अहसास कराया।
साधौ ने टिकट आवंटन को लेकर किया बड़ा खुलासा
पूर्व मंत्री विजयलक्ष्मी साधौ ने संगठन के कामकाज पर बड़ा हमला करते हुए कहा कि जब वे एआईसीसी सचिव और महिला कांग्रेस प्रभारी थीं, तब महिलाओं को टिकट उन सीटों पर दिया जाता था,जहां पार्टी चार-पांच बार से लगातार हार रही होती थी। लिहाजा इस तरह से लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक के पास न होने के बीच कांग्रेस की पूर्व मंत्री ने पूर्व की अपनी ही सरकार और नेताओं पर हमला करके एक नई बहस को जन्म दे दिया है। जाहिर सी बात है कि इस बयान के बाद हचलच मच सकती है।

