दिग्विजय सिंह का मिशन 2028 पर काम शुरु, MP में सत्ता वापसी के लिए मुस्लिम-दलित रणनीति पर डटे
Saturday, May 23, 2026-03:23 PM (IST)
(ग्वालियर): पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह राज्यसभा चुनाव लड़ने से मना कर चुके हैं,लेकिन उन्होंने मध्य प्रदेश में कांग्रेस की वापसी के लिए काम करना शुरु कर दिया है। दिग्विजय सिंह ने 'मिशन 2028' पर काम करना शुरु कर दिया है।
दरअसल प्रदेश में कांग्रेस को फिर से मजबूत करने के लिए दिग्विजय सिंह ने राजनीतिक प्रयोग शुरू कर दिया है। इसकी शुरुआत ग्वालियर-चंबल अंचल से की गई है। यहां मुस्लिम अल्पसंख्यकों और अनुसूचित वर्ग को एक मंच पर स्थान देकर कांग्रेस ने अपने पारंपरिक वोट बैंक को फिर से साधने की कवायद शुरु कर दी है।
पूर्व मंत्री बालेंदु शुक्ला के सामाजिक संगठन 'मुहब्बत की दुकान' के बैनर तले आयोजन
दरअसल पूर्व मंत्री बालेंदु शुक्ला के सामाजिक संगठन 'मुहब्बत की दुकान' के बैनर तले रामाजी का पुरा स्थित हस्सू-हद्दू खां सभागार में मुस्लिम और अनुसूचित जाति वर्ग का संयुक्त सम्मेलन आयोजित किया गया। ये आयोजन ऐसे क्षेत्र में किया गया है, जहां दोनों वर्गों की अच्छी खासी संख्या है। ये दोनों वर्ग भाजपा से फिलहाल दूरी बनाए हुए हैं, लेकिन कांग्रेस ने इनको एक साथ लाकर साधने का काम करना शुरु कर दिया है।
ग्वालियर-चंबल अंचल में यही दोनों वर्ग कांग्रेस की पारंपरिक ताकत माने जाते रहे हैं। इस कड़ी में दिग्विजय सिंह सामाजिक संगठनों की आड़ में प्रदेश में ऐसे सम्मेलन आयोजित करके नया राजनीतिक माहौल बनाने की रणनीति पर डट चुके हैं।
अंचल से की है इसकी शुरुआत
पूर्व मुख्यमंत्री ने इसकी शुरुआत ग्वालियर-चंबल अंचल से की है। हस्सू-हद्दू खां सभागार में मुस्लिम और अनुसूचित वर्ग के संयुक्त सम्मेलन में मंच पर दोनों वर्गों के कांग्रेस से जुड़े नेता मौजूद थे। सम्मेलन में दिग्विजय सिंह ने मुस्लिमों और अनुसूचित जाति वर्ग के गठजोड़ को राजनीति में प्रभावी बताया है और दोनों वर्गों के लोगों को सम्मानित भी किया गया।
लिहाजा कांग्रेस का जनाधार बढ़ाने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री ने भाजपा को मात देने के लिए मुस्लिम, अनुसूचित जाति वर्ग के गठजोड़ को वोट बैंक में तब्दील करने के मिशन पर काम करना शुरु कर दिया है।

