किसानों की बल्ले-बल्ले! सरकार के इस नए फैसले से मिलेगा बड़ा लाभ
Wednesday, Apr 08, 2026-03:26 PM (IST)
भोपाल: मध्य प्रदेश में किसानों के लिए बड़ी राहत की तैयारी है। Mohan Yadav सरकार जल्द ही ऐसी नई व्यवस्था लागू करने जा रही है, जिसके तहत अब किसानों को साल में दो बार फसल ऋण चुकाने की मजबूरी से छुटकारा मिल सकता है। प्रस्तावित बदलाव के अनुसार किसान अब वर्ष में केवल एक बार—मई या जून के आसपास दोनों सीजन (रबी और खरीफ) का ऋण एक साथ चुका सकेंगे।
दरअसल, अभी तक किसानों को अलग-अलग सीजन के हिसाब से कर्ज चुकाना पड़ता है— मार्च में खरीफ और जून में रबी ऋण की अदायगी करनी होती है। लेकिन कई बार फसल बिकने में देरी या भुगतान न मिलने के कारण किसान समय पर कर्ज नहीं चुका पाते और डिफॉल्टर की श्रेणी में आ जाते हैं। इससे उन्हें भविष्य में बिना ब्याज के ऋण का लाभ भी नहीं मिल पाता।
इसी समस्या को देखते हुए राज्य सरकार ने व्यवस्था में बदलाव का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर सहकारिता और वित्त विभाग ने नई योजना का खाका तैयार किया है, जिसमें किसानों को अधिक समय और लचीलापन देने पर जोर है। माना जा रहा है कि रबी फसल की बिक्री मई-जून तक पूरी हो जाती है, ऐसे में इसी अवधि को ऋण अदायगी के लिए तय किया जा सकता है।
आंकड़ों पर नजर डालें तो राज्य में सहकारी समितियों के जरिए लाखों किसानों को अल्पकालीन फसल ऋण दिया जाता है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में करीब 35 लाख किसानों को 21 हजार करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज मिला है। सरकार तीन लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराकर खेती की लागत कम करने की कोशिश कर रही है।
हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि ऋण की अंतिम तिथि बढ़ाने से ब्याज अनुदान और वित्तीय प्रबंधन पर असर पड़ता है। केंद्र सरकार से मिलने वाला ब्याज अनुदान देरी से मिलता है, जिससे राज्य पर अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है। फिर भी, किसानों को राहत देने के लिए सरकार संतुलित समाधान पर काम कर रही है।
सूत्रों के मुताबिक, इस नई ऋण व्यवस्था को जल्द ही कैबिनेट बैठक में मंजूरी के लिए रखा जाएगा। अगर प्रस्ताव पास हो जाता है, तो प्रदेश के लाखों किसानों को बड़ी राहत मिलेगी और वे बिना दबाव के अपनी फसल का बेहतर मूल्य मिलने के बाद ही ऋण चुका सकेंगे।

