इंदौर नगर निगम में सफाई कर्मचारियों का हंगामा, महिला कर्मी ने गुस्से में फेंकी चूड़ियां; 48 घंटे की हड़ताल शुरू
Monday, Oct 05, 2026-04:10 PM (IST)
इंदौर (सचिन बहरानी) देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में सफाई कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सोमवार को नगर निगम मुख्यालय का घेराव कर धरना शुरू कर दिया। वाल्मीकि सेना के तत्वावधान में किए गए इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी शामिल हुए। कर्मचारी हाथों में अपनी मांगों से संबंधित तख्तियां लेकर नगर निगम मुख्यालय पहुंचे और निगमायुक्त क्षितिज सिंघल से मुलाकात कर ज्ञापन देने की मांग पर अड़े रहे।
कर्मचारियों का कहना था कि वे पिछले 23 वर्षों से अपनी मांगों को लेकर सरकार और प्रशासन को ज्ञापन एवं निवेदन देते आ रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी कई मांगों का समाधान नहीं हुआ है।जब निगमायुक्त कर्मचारियों से मिलने नहीं पहुंचे, तो नाराज एक महिला सफाईकर्मी ने नगर निगम कार्यालय के मुख्य द्वार पर अपनी चूड़ियां निकालकर फेंक दीं। इसके बाद कर्मचारियों ने जमीन पर बैठकर जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों को तत्काल पूरा करने की मांग उठाई।
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने नियमितीकरण, एनजीओ और निजी कंपनियों के माध्यम से काम कराने की व्यवस्था बंद कर सीधे कर्मचारियों को रोजगार देने, हटाए गए 700 से अधिक कर्मचारियों को दोबारा काम पर रखने और मेडिकल आधार पर नियुक्तियां किए जाने सहित कई मांगें रखीं। कर्मचारियों ने बताया कि इन मांगों को लेकर पहले भी वाहन रैली, भूख हड़ताल, अनशन और मानव श्रृंखला जैसे कई आंदोलन किए जा चुके हैं। पिछले दिनों कर्मचारियों ने 13 दिनों तक भूख हड़ताल भी की थी।
इधर, नगर निगम के अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों से मुलाकात की और उनका ज्ञापन लेते हुए उनकी मांगों को उचित स्तर तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। कर्मचारियों ने फिलहाल 48 घंटे की हड़ताल की घोषणा की है। हड़ताल का सोमवार को पहला दिन है। कर्मचारियों के अनुसार करीब 90 प्रतिशत सफाई कर्मचारी काम से दूर रहे, जबकि कुछ कर्मचारी काम पर पहुंचे। वाल्मीकि सेना ने चेतावनी दी है कि अगर इस बार नगर निगम की ओर से उनकी मांगों को लेकर उचित कदम नहीं उठाया गया, तो कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने के लिए मजबूर होंगे।

