एल्गिन अस्पताल में दवाइयों के सैंपल जांच में फेल, मानव अधिकार आयोग ने संज्ञान लेकर किया जवाब तलब

Saturday, May 25, 2024-04:21 PM (IST)

जबलपुर (विवेक तिवारी) : जबलपुर के शासकीय रानी दुर्गावती लेडी एल्गिन अस्पताल में बच्चों को बुखार में दी जाने वाली सिरप (पैरासिटामोल सीबी पीडियाट्रिक ओरल सस्पेंशन) जांच में फेल हो गई है। यह दवा अस्पताल में बच्चों को दी गई है। जबलपुर के खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने दवा का सैंपल लेकर भोपाल में जांच करवाई थी, लेकिन जांच में दवा स्टैंडर्ड क्वालिटी की नहीं मिली। ऐसे में मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने इस मामले को संज्ञान में लिया है।

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आयोग की क्षेत्रीय कार्यालय प्रभारी फरजाना मिर्जा ने बताया कि समाचार पत्रों में प्रकाशित समाचार के आधार पर मामले में संज्ञान लेकर मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग की मुख्य पीठ भोपाल में प्रकरण पर सुनवाई करते हुए, अध्यक्ष मनोहर ममतानी व सदस्य राजीव कुमार टंडन ने मानव अधिकारों के हनन का मामला मानकर, आयुक्त/संचालक स्वास्थ्य सेवायें मप्र भोपाल से मामले की जांच कराकर, शासकीय अस्पतालों में मरीजों को मानव गुणवत्ता की दवाईयां प्रदाय किया जाना सुनिश्चित किये जाने के साथ ही अमानक दवाईयों की आपूर्ति के लिये जिम्मेदार संस्था/व्यक्तियों के विरूद्ध कार्यवाई एवं ऐसी अमानक दवाईयों को शासकीय अस्पतालों से हटाये जाने के संबंध में की गई कार्रवाई का विस्तृत विवरण जवाब के साथ प्रतिवेदन तीन सप्ताह में तलब किया है।

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आयोग मानव हितों के संरक्षण के लिए तत्पर

मध्य प्रदेश मानव अधिकार आयोग मानव हितों के संरक्षण के लिए ही कटिबंध है। जहां पर भी मानव अधिकारों का हनन होता है। वहां पर मानव अधिकार आयोग स्वयं संज्ञान लेते हुए न केवल अधिकारियों से जवाब तलब करता है बल्कि उन पर कार्यवाही भी करता है। एल्गिन अस्पताल के मामले पर भी आयोग ने प्रकाशित खबरों को देखते हुए जवाब तलब किया है। उम्मीद की जा रही है कि व्यवस्था परिवर्तन में मानव अधिकार आयोग की भूमिका ऐसी ही महत्वपूर्ण बनी रहेगी।


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meena

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