केन–बेतवा परियोजना: आंदोलनकारी अमित भटनागर गिरफ्तार, आदिवासी महिलाओं का विरोध तेज
Monday, Feb 09, 2026-06:33 PM (IST)
छतरपुर (राजेश चौरसिया) : छतरपुर जिले में केन–बेतवा लिंक परियोजना को लेकर चल रहा विरोध प्रदर्शन और तेज हो गया है। परियोजना से प्रभावित परिवारों की आवाज उठा रहे सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर को पुलिस ने शुक्रवार सुबह उनके घर से गिरफ्तार कर लिया। बताया गया है कि पुलिस ने उन्हें धारा 151 के तहत हिरासत में लिया है। इस कार्रवाई के बाद इलाके में आक्रोश और बढ़ गया।

अमित भटनागर की गिरफ्तारी के विरोध में दौड़न बांध स्थल पर बड़ी संख्या में आदिवासी महिलाओं ने मुंह पर काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया। महिलाओं ने साफ शब्दों में कहा कि जब तक अमित भटनागर को रिहा नहीं किया जाता और प्रभावित परिवारों को उनके अधिकारों की कानूनी गारंटी नहीं मिलती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। महिलाओं ने चेतावनी दी कि 15 गांवों में चूल्हा नहीं जलेगा। लगातार विरोध के चलते दौड़न बांध का काम पांचवें दिन भी पूरी तरह ठप रहा।

प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने प्रशासन पर मनमानी और तानाशाही रवैये का आरोप लगाया। उनका कहना था कि यह संघर्ष केवल मुआवजे का नहीं, बल्कि जल-जंगल-जमीन और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की लड़ाई है। जब तक उनके हक सुनिश्चित नहीं किए जाते, तब तक वे बांध स्थल से हटने वाली नहीं हैं। इधर ग्रामीणों का आरोप है कि परियोजना से प्रभावित परिवारों को अब तक न तो उचित मुआवजा मिला है और न ही पुनर्वास की ठोस व्यवस्था की गई है। ऐसे में आवाज उठाने वाले सामाजिक कार्यकर्ता की गिरफ्तारी ने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों और समर्थकों का कहना है कि शांतिपूर्ण तरीके से जनसमस्याएं उठाने पर “शांति भंग” के नाम पर कार्रवाई करना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि ढोढन ग्राम में स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई, जब ग्रामीणों को हटाने पहुंचे एसडीएम को विरोध के चलते वापस लौटना पड़ा। वहीं अमित भटनागर की गिरफ्तारी को लेकर बिजावर पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। ग्रामीणों की चेतावनी साफ है कि यदि जल्द रिहाई और संवाद की पहल नहीं हुई, तो आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है। अब निगाहें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं।

