मोदी कैबिनेट से BJP नेता के अचानक इस्तीफे पर कांग्रेस के दिग्गज नेता ने कर दिया बड़ा खुलासा
Saturday, Oct 17, 2026-01:37 PM (IST)
भोपाल: मध्यप्रदेश से राज्यसभा सांसद रहे डॉ. एल. मुरुगन के केंद्रीय मंत्री पद और राज्यसभा की सदस्यता छोड़ने के फैसले ने सियासी हलकों में नई बहस छेड़ दी है। उनके इस्तीफे को लेकर कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी से सवाल पूछने शुरू कर दिए हैं। मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इस पूरे घटनाक्रम पर सवाल उठाते हुए इस्तीफे के पीछे की वजह सार्वजनिक करने की मांग की है। उन्होंने अपने बयान में तमिलनाडु से जुड़े कथित मामलों का जिक्र करते हुए किसी बड़े खुलासे की आशंका भी जताई है।
प्रधानमंत्री को भेजा था इस्तीफा
डॉ. एल. मुरुगन केंद्र सरकार में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और संसदीय कार्य मंत्रालय में राज्य मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। वे मध्यप्रदेश से राज्यसभा के सदस्य भी थे। हाल ही में उन्होंने केंद्रीय मंत्री पद के साथ राज्यसभा की सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया। उनका त्यागपत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजा गया था, जिसे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वीकार कर लिया।
इस्तीफे को लेकर सामने आई जानकारी के मुताबिक, मुरुगन ने तमिलनाडु में भारतीय जनता पार्टी को मजबूत करने और जमीनी स्तर पर संगठन का विस्तार करने की इच्छा जताई थी। उन्होंने वर्ष 2029 के लोकसभा चुनाव की तैयारियों के मद्देनजर पार्टी के लिए काम करने की बात कही थी। हालांकि, उनके फैसले को लेकर राजनीतिक चर्चाएं भी तेज हो गई हैं।
राज्यसभा की खाली सीट पर भी नजर
डॉ. एल. मुरुगन मध्यप्रदेश से 20 फरवरी 2024 को राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित हुए थे। उनका कार्यकाल 3 अप्रैल 2030 तक निर्धारित था। ऐसे में उनके इस्तीफे के बाद प्रदेश की एक राज्यसभा सीट रिक्त हो गई है। अब इस सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर भी राजनीतिक गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। विभिन्न दलों की नजर इस सीट पर रहने की उम्मीद है।

उमंग सिंघार ने भाजपा से पूछे तीखे सवाल
मुरुगन के इस्तीफे पर कांग्रेस नेता उमंग सिंघार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए भाजपा को घेरा। उन्होंने सवाल किया कि नैतिकता और सुचिता की बात करने वाली पार्टी को इस्तीफे की वास्तविक वजह देश के सामने रखनी चाहिए।
सिंघार ने अपने बयान में तमिलनाडु से जुड़े कथित मामलों को लेकर उठ रहे सवालों का उल्लेख किया और पूछा कि क्या मंत्री पद तथा राज्यसभा की सदस्यता छोड़ने का फैसला महज संयोग है या इसके पीछे कोई दूसरी राजनीतिक वजह है। उन्होंने यह आशंका भी जताई कि कहीं किसी संभावित खुलासे से पहले राजनीतिक नुकसान को सीमित करने की कोशिश तो नहीं की जा रही। कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मामले पर चुप्पी तोड़ने और इस्तीफे की वजह स्पष्ट करने की मांग की। उनके बयान के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस और तेज हो गई है।
इस्तीफे की वजह पर सियासत तेज, लेकिन सवालों के जवाब बाकी
डॉ. एल. मुरुगन ने सार्वजनिक रूप से पार्टी संगठन के लिए तमिलनाडु में काम करने की इच्छा जताई थी। दूसरी ओर, उमंग सिंघार ने उनके इस्तीफे को लेकर सवाल उठाए हैं और कथित मामलों की जांच-पड़ताल की मांग जैसा राजनीतिक दबाव बनाया है।
हालांकि, सिंघार द्वारा उठाए गए सवाल और लगाए गए राजनीतिक आरोप अपने आप में किसी अनियमितता या कथित मामले की पुष्टि नहीं करते। फिलहाल, इस्तीफे के पीछे किसी अन्य वजह का स्वतंत्र रूप से प्रमाण सामने आए बिना किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। अब देखना होगा कि भाजपा और डॉ. एल. मुरुगन इन सवालों पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं और क्या इस राजनीतिक विवाद पर आगे कोई नया तथ्य सामने आता है।

