लाड़ली बहना योजना पर हाईकोर्ट का बड़ा नोटिस, सरकार से मांगा पूरा ब्यौरा; जानें किस्त रुकेगी या नहीं?
Friday, Sep 18, 2026-12:44 PM (IST)
ग्वालियर। मध्य प्रदेश की चर्चित मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना को लेकर अब मामला हाईकोर्ट तक पहुंच गया है। योजना की व्यवस्था, सरकारी खर्च और इसके वित्तीय प्रभाव से जुड़े सवालों पर दायर याचिका की सुनवाई करते हुए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है। अदालत ने योजना से जुड़े हितग्राहियों का पूरा विवरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति जीएस अहलूवालिया और न्यायमूर्ति अनुराधा शुक्ला की युगलपीठ ने की। ग्वालियर निवासी सुधा दुबे की ओर से दाखिल याचिका में योजना के तहत होने वाले खर्च, लाभार्थियों की संख्या, सरकार पर पड़ने वाले वित्तीय दायित्व और महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण से जुड़े पहलुओं पर सवाल उठाए गए हैं। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अनिल कुमार मिश्रा ने पक्ष रखा।
सभी हितग्राहियों को पक्षकार बनाने का मुद्दा
सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से प्रारंभिक आपत्ति सामने रखी गई कि योजना से लाभ लेने वाली सभी महिलाओं को मामले में पक्षकार नहीं बनाया गया है। इस पर कोर्ट ने कहा कि हितग्राहियों का रिकॉर्ड राज्य सरकार के पास मौजूद है। इसलिए सरकार को यह विवरण याचिकाकर्ता को उपलब्ध कराना होगा, ताकि आवश्यक हितग्राहियों को प्रकरण में शामिल किया जा सके।
अदालत ने यह भी संकेत दिया कि प्रत्येक हितग्राही तक नोटिस पहुंचाने की पूरी जिम्मेदारी अकेले याचिकाकर्ता पर नहीं डाली जा सकती। सरकार को याचिका का हिंदी अनुवाद उपलब्ध कराने और संबंधित हितग्राहियों तक नोटिस की प्रक्रिया में सहयोग करने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार से योजना के आंकड़े और रिकॉर्ड की मांग
याचिका में लाड़ली बहना योजना के संचालन और उससे जुड़े आर्थिक पहलुओं को लेकर कई बिंदु उठाए गए हैं। इसमें लाभार्थियों की संख्या, योजना पर होने वाला खर्च, नियमित भुगतान और भविष्य में राज्य सरकार पर पड़ने वाले वित्तीय दायित्व जैसे मुद्दे शामिल हैं।
रिपोर्टों के अनुसार, सरकार को योजना से जुड़े रिकॉर्ड और आवश्यक जानकारी अदालत के सामने रखने के लिए जवाब दाखिल करना है। मामले की अगली प्रक्रिया सरकार के जवाब और उपलब्ध कराए जाने वाले रिकॉर्ड के आधार पर आगे बढ़ेगी।
प्रक्रिया शुल्क जमा करने के निर्देश
सुनवाई के दौरान राज्य की ओर से उठाई गई प्रारंभिक आपत्ति को वापस लेने की अनुमति भी मांगी गई, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। इसके बाद संबंधित पक्षों को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए। हाईकोर्ट ने प्रक्रिया शुल्क निर्धारित समय में जमा कराने और इसके बाद मामले को आगे की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने के निर्देश दिए हैं।
क्या लाड़ली बहना योजना बंद होगी?
हाईकोर्ट के इस आदेश को लेकर सोशल मीडिया और अलग-अलग माध्यमों में योजना बंद होने की चर्चा हो सकती है, लेकिन फिलहाल ऐसा कोई आदेश सामने नहीं आया है। अदालत ने न तो लाड़ली बहना योजना बंद करने का निर्देश दिया है और न ही लाभार्थियों को मिलने वाली राशि पर रोक लगाई है। योजना की वैधता पर भी अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है। मामला फिलहाल नोटिस और आगे की न्यायिक प्रक्रिया के स्तर पर है। यानी हाईकोर्ट में याचिका पर सुनवाई शुरू होने का अर्थ यह नहीं है कि योजना की अगली किस्त रुक गई है। अब सरकार को अदालत के सामने योजना से जुड़े आंकड़े और रिकॉर्ड प्रस्तुत करने होंगे। इसके बाद मामले में आगे की सुनवाई होगी और अदालत के समक्ष रखे गए तथ्यों के आधार पर अगली कार्रवाई तय होगी।

