छत्तीसगढ़ में जल्द होगी पुलिस और वन विभाग में बड़ी प्रशासनिक सर्जरी, 16 जिलों के SP भी बदलेंगे
Friday, Jun 19, 2026-05:44 PM (IST)
रायपुर: छत्तीसगढ़ में पुलिस और वन विभाग में जल्द बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल होने की संभावना है। इस बदलाव में पुलिस अधीक्षक (एसपी), महानिरीक्षक (आईजी), प्रधान मुख्य वन संरक्षक (पीसीसीएफ) और अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (एपीसीसीएफ) स्तर के अधिकारी प्रभावित हो सकते हैं।
सूत्रों के अनुसार, बस्तर आईजी पी. सुंदरराज के राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) में प्रतिनियुक्ति पर जाने और जुलाई में पीसीसीएफ अनिल साहू के सेवानिवृत्त होने के बाद तबादलों की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जाएगा। वहीं हाल ही में वन विभाग की कमान संभालने वाले अरुण पांडेय भी अपनी नई टीम के गठन की तैयारी में जुटे हैं।
सभी रेंज के आईजी प्रभावित हो सकते हैं
जानकारी के मुताबिक, प्रस्तावित फेरबदल में राज्य के सभी प्रमुख रेंज के आईजी स्तर के अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव हो सकता है। बस्तर आईजी को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए कार्यमुक्त किए जाने के बाद तबादला सूची जारी होने की संभावना है।
वन विभाग में भी बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। राज्य लघु वनोपज संघ के प्रबंध संचालक और पीसीसीएफ अनिल साहू के सेवानिवृत्त होने के बाद एपीसीसीएफ स्तर के किसी वरिष्ठ अधिकारी को अतिरिक्त प्रभार सौंपे जाने की तैयारी चल रही है।
16 जिलों के एसपी हो सकते हैं प्रभावित
राज्य पुलिस में प्रस्तावित तबादला सूची में करीब 16 जिलों के पुलिस अधीक्षक प्रभावित हो सकते हैं। इनमें रायपुर पुलिस कमिश्नरेट, रायपुर ग्रामीण, दुर्ग, धमतरी, जांजगीर-चांपा, कोरबा, बेमेतरा, जगदलपुर, बिलासपुर, अंबिकापुर तथा बस्तर और राजनांदगांव रेंज के कई जिले शामिल बताए जा रहे हैं।
इसके अलावा एएसपी, डीएसपी, एसडीओपी और निरीक्षक स्तर के अधिकारियों के भी तबादले किए जा सकते हैं। सूची में उन निरीक्षकों को भी स्थान दिया जाएगा जिन्हें हाल ही में पदोन्नत कर डीएसपी बनाया गया है और जिनकी नई पदस्थापना का आदेश अभी जारी होना बाकी है।
दो साल से अधिक समय से जमे अधिकारियों पर नजर
पुलिस मुख्यालय से जुड़े सूत्रों का कहना है कि ऐसे अधिकारियों को प्राथमिकता से बदला जा सकता है जो वर्तमान पदस्थापना पर दो वर्ष या उससे अधिक समय से कार्यरत हैं। इसके साथ ही उन अधिकारियों के मामलों की भी समीक्षा की जा रही है जिनके तबादला आदेश पहले जारी हो चुके थे, लेकिन प्रशासनिक या तकनीकी कारणों से वे नई जगह कार्यभार ग्रहण नहीं कर पाए थे।
मुख्यमंत्री की मंजूरी का इंतजार
बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की व्यस्तता के कारण तबादला सूची को अभी अंतिम मंजूरी नहीं मिल सकी है। जैसे ही मुख्यमंत्री स्तर से सहमति मिलेगी, पुलिस और वन विभाग की बहुप्रतीक्षित तबादला सूची जारी की जा सकती है। प्रशासनिक हलकों में इसे राज्य की सबसे बड़ी अधिकारियों की सर्जरी माना जा रहा है।

