मोदी के एजेंडे पर मोहन का power play! नारी शक्ति वंदन बिल के लिए MP से बंगाल, तमिलनाडु तक संभाला मोर्चा
Tuesday, Apr 21, 2026-10:37 PM (IST)
भोपाल (देश शर्मा ):मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री आजकल देश में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर मोर्चा संभाले हुए हैं। बीजेपी को विजेता बनाने के लिए मोहन यादव जबरदस्त मोर्चा खोल रखा है और राज्यों में ताबड़तोड़ प्रचार कर रहे हैं। लेकिन इसके साथ ही मोहन यादव एक और काम भी कर रहें हैं जो पीएम मोदी के सपने को पूरा करने की दिशा में एक कदम है। जी हां मोहन मोदी के नारी शक्ति वंदन बिल को लेकर पूरी मजबूती के साथ मोर्चा संभाले हुए हैं। मोहन हर जगह महिला आरक्षण बिल को लेकर जोरों-शोरों से प्रचार करने में लगे हैं। नारी शक्ति के सम्मान और लोकसभा में विपक्ष के रवैये पर सीएम मोहन का प्रहार आक्रामक है।
हर चुनावी सभा में नारी वंदन बिल का लोगों को समझाया महत्व

गौर करने वाली बात है कि मोहन यादव ने आजकल चुनावी मोड में हैं और देश के 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव के दौरान जब वो प्रचार के लिए मैदान में उतरे तो पूरी प्रतिबद्धता के साथ नारी शक्ति वंदन अधिनियम के मुद्दे को उठाया। चाहे पश्चिमी बंगाल हो या तमिलनाडू मोहन ने मोदी के सपने में अडंगा डालने वालों पर जमकर हमला बोला। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण बिल) को 21वीं सदी का क्रांतिकारी और ऐतिहासिक निर्णय बताया है। उन्होंने कहा कि यह कानून आधी आबादी को सशक्त बनाएगा और लोकतंत्र को मजबूत करेगा। मोहन ने इस बिल को ऐतिहासिक कदम बताते हुए इसे महिलाओं के हक में बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रतिबद्धता की सराहना की।
नारी शक्ति वंदन बिल के विरोध से देश की जनता गुस्सा-मोहन

तमिलनाडू की अविनाशी विधानसभा में प्रचार के दौरान विपक्ष पर बरसते हुए मोहन यादव ने कहा कि कांग्रेस सहित संपूर्ण विपक्षी दलों ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध किया है। मोहन ने लोगो को बताया है कि प्रधानमंत्री मोदी को नारी सम्मान के लिए लड़ाई लड़ी है। गरीब और आम आदमी मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री बने, यह एनडीए की सोच है। सीएम मोहन ने तमिलनाडू में कांग्रेस और डीएमके पर बरसते हुए कहा है कि इन्होंने विधानसभा और लोकसभा में महिला आरक्षण बिल का विरोध किया क्योंकि अगर यह बिल पास हो जाता तो तमिल बहनों के लिए सांसद, विधायक और मंत्री बनने का अवसर बढ़ जाता लेकिन वो मोदी के सपने को पूरा करने के लिए वचनवद्ध है।
मोहन सरकार ने बुलाया मध्यप्रदेश विधानसभा का एक दिन का विशेष सत्र

वही नारी शक्ति वंदन बिल को लेकर मोहन सरकार कितनी संजीदा और गंभीर है इसकी पता इस बात से लगाया जा सकता है कि मोहन सरकार ने 27 अप्रैल को इस अधिनियम पर चर्चा के लिए मध्यप्रदेश विधानसभा का एक दिन का विशेष सत्र बुलाया गया है। सीएम मोहन ने जोर देकर कहा कि मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार अपनी बहनों के अधिकारों की रक्षा के लिए उनके साथ खड़ी है और इसके लिए 1 दिन की विशेष सत्र बुलाया जा रहा है। इस विशेष सत्र में महिलाओं के सशक्तीकरण सहित अन्य मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। वहीं इसके लिए विधानसभा सचिवालय की ओर से अधिसूचना जारी भी कर दी गई है।
मोदी के सपने के लिए मोहन मोर्चा संभालने वाले देश में सक्रिय सीएम

गौर करने वाली बात है कि लोकसभा में इस बिल का विरोध होने के बाद अगर पूरे देश में इसके लिए किसी सीएम ने मोर्चा संभाला है वो सिर्फ मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव ही हैं। मोदी महत्वकांक्षी इस सपने के लिए मोहन ने धरातल पर काम कर रहे है, जो बीजेपी में कोई नेता और सीएम नहीं पा रहा है वो मोहन यादव कर रहे हैं। इससे पता चलता है कि मध्य प्रदेश के सीएम प्रधानमंत्री के सपने को साकार करने के लिए कितनी मेहनत कर रहे हैं।
नारी वंदन बिल के लिए मोहन की अगुवाई में भोपाल की सड़को पर उतरी भाजपा

नारी वंदन बिल को लेकर मोहन यादव किस कदर गंभीर है उसका अंदाजा इसी बात से भी पता चलता है कि भोपाल की सड़कों पर विपक्ष के खिलाफ हल्ला बोला। मोहन यादव और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के नेतृत्व में जन आक्रोश पदयात्रा तक निकाली गई है जिसमें एक किलोमीटर मार्च किया गया। इसमें साफ संदेश दिया गया कि मध्य प्रदेश की सरकार महिला सम्मान और अधिकार के लिए नारी शक्ति के साथ खड़ी है। लिहाजा प्रधानमंत्री मोदी के नारी शक्ति के एजेंडे पर सीएम मोहन ने जबरदस्त रुख अख्तियार कर लिया है।

