निकाय चुनाव से पहले कांग्रेस का बड़ा फैसला, जीतू पटवारी ने बता दिया किन नेताओं को मिलेगा टिकट
Sunday, Jun 28, 2026-04:27 PM (IST)
भोपाल। मध्य प्रदेश में वर्ष 2027 में प्रस्तावित नगर निगम और नगर पालिका चुनावों को लेकर कांग्रेस ने अभी से चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी ने इस बार संगठन को मजबूत करने के साथ-साथ प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया में भी बड़ा बदलाव करने का संकेत दिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने साफ संदेश दिया है कि आगामी निकाय चुनाव में टिकट उसी नेता को मिलेगा, जिसकी पार्टी के प्रति निष्ठा पर कोई सवाल न हो।
शनिवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में जिला और विधानसभा प्रभारियों को निर्देश दिए गए कि निकायों के आरक्षण की प्रक्रिया पूरी होने तक संभावित उम्मीदवारों का चयन लगभग अंतिम रूप में तैयार कर लिया जाए। पार्टी का मानना है कि समय रहते प्रत्याशी तय होने से उन्हें अपने क्षेत्र में जनसंपर्क और चुनावी तैयारी के लिए पर्याप्त अवसर मिलेगा।
बैठक में सबसे अधिक जोर ऐसे उम्मीदवारों के चयन पर दिया गया जो चुनाव जीतने के बाद पार्टी का साथ न छोड़ें। कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि पिछले निकाय चुनावों के अनुभव ने यह स्पष्ट कर दिया है कि केवल जीतने की क्षमता ही पर्याप्त नहीं, बल्कि पार्टी के प्रति प्रतिबद्धता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
दरअसल, वर्ष 2022 के नगर निगम चुनावों में कांग्रेस ने 16 नगर निगमों में से पांच पर जीत दर्ज की थी, लेकिन बाद में उनमें से तीन महापौर पार्टी छोड़कर दूसरी राजनीतिक राह पर चले गए। इसी अनुभव से सबक लेते हुए इस बार कांग्रेस 'वफादारी पहले, टिकट बाद में' की रणनीति पर आगे बढ़ रही है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने 16 नगर निगमों के बाद अब 99 नगर पालिकाओं की चुनावी कार्ययोजना पर भी विस्तार से चर्चा की। बैठक में वर्तमान जनप्रतिनिधियों के साथ पिछले चुनाव में पराजित उम्मीदवारों को भी बुलाया गया, ताकि जमीनी फीडबैक के आधार पर मजबूत रणनीति तैयार की जा सके।
कांग्रेस के सामने चुनौती सिर्फ भाजपा से मुकाबले की नहीं, बल्कि संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने की भी है। पिछली बार कई निकायों में पार्टी को उम्मीदवार तक तलाशने में कठिनाई हुई थी। वहीं, इस बार 27 प्रतिशत ओबीसी और 50 प्रतिशत महिला आरक्षण के नए समीकरणों को ध्यान में रखते हुए उम्मीदवारों के चयन पर विशेष फोकस किया जा रहा है। उधर, भाजपा भी निकाय चुनाव की तैयारियों में जुट चुकी है। ऐसे में माना जा रहा है कि मध्य प्रदेश के नगरीय निकाय चुनावों की राजनीतिक सरगर्मियां समय से पहले ही तेज होने लगी हैं।

