बड़ा शिक्षा घोटाला.. 628 फर्जी एडमिशन, 5 अधिकारियों पर केस दर्ज

Saturday, Jan 17, 2026-10:27 AM (IST)

जबलपुर। मध्यप्रदेश के शिक्षा विभाग में एक बड़ा घोटाला सामने आया है। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के बच्चों की शिक्षा के नाम पर लाखों रुपये का गबन किया गया। मामले में जबलपुर आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने कड़ी कार्रवाई करते हुए शिक्षा विभाग के 5 तत्कालीन नोडल अधिकारियों सहित निजी स्कूल संचालकों पर FIR दर्ज की है।

EOW जांच में खुलासा हुआ है कि 628 छात्रों के नाम पर फर्जी एडमिशन दिखाकर 26 लाख 50 हजार रुपये की सरकारी राशि हड़प ली गई। इस घोटाले से शिक्षा विभाग में खलबली मच गई है।

EWS योजना में बड़ा खेल, एक ही छात्र का कई बार एडमिशन

ईओडब्ल्यू को यह शिकायत विजयकांति पटेल द्वारा की गई थी। जांच में सामने आया कि शिक्षा विभाग के नोडल अधिकारियों ने निजी स्कूल संचालकों के साथ मिलकर एक ही छात्र को दो से तीन बार दाखिला दर्शाया, और उसी आधार पर शासन से फीस की रकम निकलवा ली।

यह पूरा मामला शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के तहत कमजोर वर्ग के बच्चों को दिए जाने वाले 25 प्रतिशत निशुल्क प्रवेश से जुड़ा है, जिसमें फीस सरकार द्वारा वहन की जाती है।

इन स्कूलों में दिखाए गए 628 फर्जी एडमिशन

ईओडब्ल्यू जांच में जबलपुर के कई निजी स्कूलों की भूमिका संदिग्ध पाई गई, जिनमें —

स्मिता चिल्ड्रन एकेडमी

आदर्श ज्ञान सागर

गुरु पब्लिक स्कूल

उस्मानिया मिडिल स्कूल

सेंट अब्राहम स्कूल

इन स्कूलों ने मिलकर 628 फर्जी छात्रों का दाखिला दिखाकर ₹26.50 लाख की राशि का गबन किया।

2011 से 2016 के बीच रची गई साजिश

जांच में सामने आया कि यह पूरा घोटाला वर्ष 2011 से 2016 के बीच किया गया। उस दौरान पदस्थ जिला शिक्षा केंद्र के नोडल अधिकारियों ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए स्कूल संचालकों के साथ षड्यंत्र रचा और सरकारी धन की हेराफेरी की।

इन अधिकारियों और स्कूल संचालकों पर केस दर्ज

EOW ने जिला शिक्षा केंद्र के तत्कालीन नोडल अधिकारी —

चंदा कोष्ठा, गुलनिगार खानम, अख्तर बेगम अंसारी, राजेंद्र बुधेलिया और डी.के. मेहरा
के खिलाफ IPC की धारा 409, 420 और 120-बी के तहत मामला दर्ज किया है।

वहीं स्कूल संचालकों

मनीष असाटी, नसरीन बेगम, मोहम्मद तौसीफ, मोहम्मद शमीम और मोहम्मद शफीक
पर भी धोखाधड़ी और षड्यंत्र के आरोप में केस दर्ज किया गया है।

EOW का सख्त संदेश: दोषियों को नहीं मिलेगी राहत

ईओडब्ल्यू अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहन जांच जारी है और आगे और नाम भी सामने आ सकते हैं। शिक्षा के नाम पर हुए इस घोटाले में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Editor

Himansh sharma

Related News