MP की मंत्री की कैबिनेट से हो सकती छुट्टी, हाईकोर्ट के आदेश से आरोपों में घिरीं; ये है पूरा मामला
Wednesday, Jul 01, 2026-11:50 AM (IST)
भोपालः मध्यप्रदेश कैबिनेट के विस्तार की अटकलों के बीच एक बड़ी खबर सामने आ रही है। जहां मंत्रिमंडल विस्तार की जगह मंत्रियों की संख्या कम होने के कागार पर है। जी हां एक महिला मंत्री की कुर्सी खतरे में आ गई हैं। हाईकोर्ट के एक आदेश से बुरी तरह घिर गई हैं। ऐसे में महिला मंत्री मंत्रिमंडल से बाहर हो सकती है। दरअसल, प्रदेश की नगरीय विकास राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी फर्जी जाति प्रमाण पत्र में घिरीं हैं। उन्हें राज्यस्तरीय अनुसूचित जाति छानबीन समिति ने तलब किया है। इसी बीच पद पर खतरा मंडराने के बीच मंत्री प्रतिमा बागरी भोपाल में एक कार्यक्रम में नदी बचाने का संदेश दिया।
दरअसल, कांग्रेस नेता प्रदीप अहिरवार ने कोर्ट में याचिका दर्ज कराई थी। जिसमें राज्य कैबिनेट मंत्री प्रतिमा बागरी पर फर्जी अनुसूचित जाति (SC) का प्रमाण-पत्र बनवाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि बागरी ने अनुचित तरीके से आरक्षण का लाभ लेकर रैगांव सीट से चुनाव लड़ा। याचिकाकर्ता प्रदीप अहिरवार का दावा है कि संबंधित इलाके में बागरी जाति, अनुसूचित जाति यानि एससी की सूची में शामिल नहीं है। उनका यह भी कहना है कि प्रतिमा बागरी राजपूत जाति से संबंधित हैं। मामले में हाईकोर्ट ने छानबीन समिति को संबंधित पक्षों को बुलाकर निर्धारित प्रक्रिया के तहत जांच करने के आदेश दिए थे। समिति को यह तय करने को कहा गया है कि मंत्री प्रतिमा बागरी का अनुसूचित जाति (एससी) का प्रमाण-पत्र वैध है या नहीं।
वहीं, राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी को राज्य स्तरीय अनुसूचित जाति छानबीन समिति ने 6 जुलाई को तलब किया। उन्हें उन दस्तावेजों को लेकर आना होगा, जिसमें अनुसूचित जाति प्रमाणित हो। दस्तावेज न देने पर मंत्रीमंडल से उनकी छुट्टी हो सकती है। प्रदेश के जनजातीय कार्य विभाग के आयुक्त कार्यालय ने इस संबंध में नोटिस जारी किया है। नोटिस जारी होते ही मंत्री प्रतिमा बागरी एक बार फिर चर्चा में आ गई हैं।
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