मध्य प्रदेश के 7 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, अगले 4 दिन जमकर बरसेंगे बादल
Saturday, Aug 29, 2026-02:46 PM (IST)
भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर पूर्वी हिस्से में ज्यादा सक्रिय होता नजर आ रहा है। शनिवार को मौसम विभाग ने प्रदेश के 7 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। रीवा, सीधी, कटनी, शहडोल, अनूपपुर, सिवनी और बालाघाट में कुछ स्थानों पर तेज बारिश और भारी बौछारें पड़ने की संभावना है। मौसम का यह असर अगले कुछ दिनों तक बने रहने के संकेत हैं।
पूर्वी जिलों पर रहेगा मानसून का ज्यादा असर
मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक आने वाले चार दिनों तक पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश का दौर जारी रह सकता है। इस दौरान कुछ इलाकों में तेज बारिश होगी, जबकि कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बौछारें पड़ सकती हैं। जबलपुर, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, सतना, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर और उमरिया में भी बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। राजधानी भोपाल में हल्की बारिश या रिमझिम फुहारों की संभावना जताई गई है।
पश्चिमी एमपी में फिलहाल कमजोर रहेगा सिस्टम
बारिश का प्रभाव प्रदेश के सभी हिस्सों में समान नहीं रहेगा। इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर-चंबल संभाग के जिलों में फिलहाल भारी बारिश की संभावना कम है। वहीं पूर्वी क्षेत्रों में बादलों की सक्रियता ज्यादा रहने से बारिश का जोर बना रह सकता है। बारिश और बादलों के कारण कई इलाकों में तापमान में गिरावट आने की संभावना है। इससे लगातार महसूस हो रही उमस से लोगों को राहत मिल सकती है।
24 घंटे में इन जिलों में बदल सकता है मौसम
अगले 24 घंटे के दौरान कटनी, सतना, उमरिया, मंडला, सिंगरौली, पन्ना, दमोह और सागर समेत कई जिलों में बारिश होने के संकेत हैं। कुछ जगहों पर गरज-चमक के साथ तेज बौछारें भी पड़ सकती हैं।मौसम विभाग ने बारिश के दौरान लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां तेज बारिश के कारण स्थानीय स्तर पर जलभराव या यातायात प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है।
प्रदेश में अब तक सामान्य से कम बारिश
मानसून सक्रिय होने के बावजूद मध्य प्रदेश में सीजन की कुल बारिश अभी सामान्य आंकड़े से पीछे चल रही है। अब तक प्रदेश में करीब 683.9 मिलीमीटर (26.9 इंच) बारिश रिकॉर्ड हुई है, जबकि सामान्य तौर पर इस अवधि तक लगभग 750.9 मिलीमीटर (29.5 इंच) बारिश होनी चाहिए थी।
यानी प्रदेश में बारिश सामान्य से करीब 9 फीसदी कम है। पूर्वी मध्य प्रदेश में कमी लगभग 6 फीसदी और पश्चिमी हिस्से में करीब 12 फीसदी बताई जा रही है। जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभागों में यह अंतर करीब 19 फीसदी तक पहुंचा है। हालांकि तस्वीर पूरे प्रदेश में एक जैसी नहीं है। 18 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है, जिससे अलग-अलग क्षेत्रों में मानसून का असर अलग दिखाई दे रहा है।
अगले चार दिन पूर्वी एमपी के लिए अहम
मौसम प्रणाली के मौजूदा प्रभाव को देखते हुए अगले चार दिन पूर्वी मध्य प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। निम्न दबाव क्षेत्र और मानसून ट्रफ के प्रभाव से बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। ऐसे में रीवा, शहडोल, जबलपुर और आसपास के जिलों में रहने वाले लोगों को मौसम में अचानक बदलाव के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। फिलहाल प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तापमान सामान्य से नीचे रहने की संभावना है, जिससे लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिल सकती है।

