नाजिया खान ने रामघाट पर किया श्राद्ध-तर्पण, इस्लामिक मान्यताओं पर किया हमला
Saturday, Oct 10, 2026-02:54 PM (IST)
उज्जैन (विशाल सिंह) : धार्मिक नगरी उज्जैन के रामघाट पर शनिवार को सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता नाजिया इलाही खान ने अपने दिवंगत पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान किया। पितृ पक्ष के अवसर पर शिप्रा नदी के तट पर हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न किए गए इस धार्मिक अनुष्ठान को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

सोशल मीडिया पर अपने बयानों को लेकर अक्सर सुर्खियों में रहने वाली नाजिया इलाही खान ने पहले ही अपने पूर्वजों के निमित्त श्राद्ध कर्म करने की बात कही थी। इसी क्रम में वह उज्जैन पहुंचीं और रामघाट पर विधि-विधान के साथ पितरों का तर्पण किया। उन्होंने इस अनुष्ठान के माध्यम से अपने पूर्वजों के प्रति श्रद्धा, सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त की।
नाजिया खान के इस कदम को लेकर धार्मिक परंपराओं, आस्था और पूर्वजों के सम्मान के विषय पर नई चर्चा शुरू हो गई है। बताया जा रहा है कि उन्होंने अपने पूर्वजों द्वारा बकरीद के अवसर पर बेजुबान जानवरों की बलि दिए जाने का उल्लेख करते हुए उनकी आत्मा की शांति के लिए पिंडदान करने की बात कही।

इससे पहले इंदौर प्रवास के दौरान गोमूत्र के सेवन को लेकर दिए गए उनके बयान ने भी काफी सुर्खियां बटोरी थीं। नाजिया खान ने दावा किया था कि वह स्वयं गोमूत्र का सेवन करती हैं और मुसलमानों को भी इसका सेवन करना चाहिए। उन्होंने सनातन परंपराओं के समर्थन में बयान देने के कारण धमकियां मिलने का आरोप भी लगाया था। फिलहाल, उज्जैन के रामघाट पर नाजिया इलाही खान द्वारा किए गए श्राद्ध और तर्पण को लेकर स्थानीय स्तर से लेकर सोशल मीडिया तक चर्चा जारी है।

