न कॉल, न OTP, खाते से उड़ सकते हैं लाखों, साइबर ठगों ने अपनाया ठगी का अनोखा तरीका
Saturday, May 09, 2026-07:09 PM (IST)
रतलाम : मध्य प्रदेश के रतलाम में साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक पटवारी के बैंक खाते से साइबर ठगों ने करीब 2 लाख 93 हजार रुपए उड़ा लिए। ठगी का ऐसा तरीका कि कई दिन पटवारी को पता भी नहीं चला। इस दौरान न तो कोई फोन कॉल आया, न ओटीपी और न ही मोबाइल पर किसी प्रकार का नोटिफिकेशन मिला। घटना का खुलासा तब हुआ जब पीड़ित ने कुछ दिन बाद बैंक बैलेंस चेक किया। इसके बाद तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई गई।
काटजू नगर के रहने वाले पीड़ित पटवारी अशोक कुमार योगी ने पुलिस को बताया कि उन्होंने मार्च में पारिवारिक जरूरत के लिए अपने GPF खाते से 5 लाख रुपए निकाले थे। यह राशि स्टेट बैंक की कलेक्ट्रेट शाखा स्थित खाते में जमा थी। 30 अप्रैल को उन्होंने अचानक ही अपना बैंक बैलेंस चेक किया तो उनके होश उड़ गए। खाते में पैसे कम थे। जांच में पता चला कि उनके खाते से किसी अज्ञात व्यक्ति ने दो बार रकम निकाल ली। यानी 27 अप्रैल को 98 हजार रुपए, 28 अप्रैल को 97 हजार 1 रुपए और 29 अप्रैल को 98 हजार रुपए किसी और खाते में ट्रांसफर कर दिए गए। उन्हें समझते देर न लगी कि उनके साथ कुल मिलाकर 2 लाख 93 हजार 1 रुपए की धोखाधड़ी हो गई है। उन्होंने तुरंत 1930 पर शिकायत दर्ज कराई।
न कॉल आया, न ओटीपी
अशोक कुमार योगी के अनुसार उन्होंने किसी के साथ बैंक डिटेल साझा नहीं की थी और न ही कोई संदिग्ध कॉल आया था। उन्होंने 30 अप्रैल को साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। मामले में औद्योगिक क्षेत्र थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
रिमोट एक्सेस के जरिए हुई हो सकती है ठगी
साइबर सेल प्रभारी जीवन बारीया के मुताबिक, शुरुआती जांच में तकनीकी हैकिंग के संकेत मिले हैं। उन्होंने बताया कि कई बार किसी संदिग्ध वेबसाइट, ऑनलाइन विज्ञापन या फर्जी लिंक पर क्लिक करने से मोबाइल का रिमोट एक्सेस साइबर ठगों तक पहुंच जाता है। इसके बाद बिना जानकारी दिए बैंकिंग गतिविधियों को अंजाम दिया जा सकता है।
ऐसे करें बचाव
- किसी अनजान लिंक या वेबसाइट पर क्लिक न करें।
- मोबाइल में केवल भरोसेमंद ऐप ही इंस्टॉल करें।
- बैंक खाते में अनधिकृत ट्रांजेक्शन दिखते ही तुरंत बैंक और साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें।
- मोबाइल सुरक्षा के लिए एम-कवच जैसे सुरक्षा ऐप का उपयोग करें।
- नेट बैंकिंग और यूपीआई के पासवर्ड समय-समय पर बदलते रहें।

