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पंचायत सचिव 25 हजार रिश्वत लेते गिरफ्तार, टैक्स कम कराने को मांगे थे 50 हजार, लोकायुक्त ने रंगे हाथ दबोचा

Friday, Oct 09, 2026-08:14 PM (IST)

खंडवा (मुश्ताक मंसूरी) : खंडवा में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्राम पंचायत नाहल्दा के सचिव कृष्ण देव पटेल को 25 हजार की रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा। आरोप है कि सचिव एक निजी स्कूल का दो साल का प्रॉपर्टी टैक्स कम करने के बदले स्कूल संचालक से 50 हजार की रिश्वत मांग रहा था। शुक्रवार को इंदौर लोकायुक्त की टीम ने मेडिकल चौराहे के पास चाय की दुकान के सामने ट्रैप कार्रवाई कर उसे पकड़ लिया।

टैक्स कम करने के बदले मांगे थे 50 हजार

लोकायुक्त से मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम नाहल्दा निवासी लक्ष्मण सिंह चौहान ने 5 अक्टूबर को इंदौर लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता खंडवा जिले में संचालित एक निजी स्कूल के संस्थापक हैं, जिसका संचालन उनके पुत्र द्वारा किया जाता है। स्कूल ग्राम पंचायत नाहल्दा के अंतर्गत आता है। आरोप है कि पंचायत सचिव कृष्ण देव पटेल ने स्कूल के दो साल के प्रॉपर्टी टैक्स की राशि करीब 2 लाख 20 हजार बताई थी। इसी टैक्स को कम करने के एवज में उसने शिकायतकर्ता से 50 हजार की रिश्वत मांगी। परेशान शिकायतकर्ता ने मामले की शिकायत लोकायुक्त पुलिस से कर दी।

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शिकायत का सत्यापन, फिर बिछाया जाल

शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त इंदौर के पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय के निर्देश पर शिकायत का सत्यापन कराया गया। शिकायत सही पाए जाने के बाद 9 अक्टूबर को आरोपी सचिव के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम, 2018 की धारा 7 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर ट्रैप की योजना बनाई गई। योजना के मुताबिक, लोकायुक्त टीम ने मेडिकल चौराहे के पास जाल बिछाया। कार्रवाई के दौरान पंचायत सचिव को ₹25 हजार की रिश्वत राशि लेते हुए रंगेहाथ पकड़ लिया गया। टीम ने रिश्वत की रकम जब्त कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू की।

निरीक्षक प्रतिभा तोमर सहित टीम रही मौजूद

इस कार्रवाई में निरीक्षक प्रतिभा तोमर के साथ आरक्षक आदित्य सिंह, रामेश्वर निगवाल, आशीष नायडू, कमलेश परिहार, सतीश यादव और श्रीकृष्ण अहिरवार शामिल रहे। कार्रवाई ने पंचायत स्तर पर टैक्स निर्धारण और उसमें राहत देने की प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं। लोकायुक्त की इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि रिश्वत संबंधी शिकायत मिलने पर भ्रष्टाचार निरोधक एजेंसी ने जाल बिछाकर कार्रवाई की। मामले में आगे की वैधानिक प्रक्रिया जारी है।


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Content Writer

meena

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