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कोयला गैसीकरण योजना को मंजूरी पर CM मोहन ने PM मोदी का माना आभार, बोले- बढ़ेंगे रोजगार और ऊर्जा क्षमता

Wednesday, May 13, 2026-10:59 PM (IST)

भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्र सरकार द्वारा 37 हजार 500 करोड़ रुपए के वित्तीय परिव्यय से पृथ्वी की सतह के निकट पाये जाने वाले कोयले और लिग्नाइट गैसीकरण परियोजनाओं की प्रोत्साहन योजना को मंजूरी देने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त किया है। 

25 परियोजनाओं के माध्यम से लगभग 50 हजार रोजगार सृजित होंगे

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पृथ्वी की सतह के निकट पाये जाने वाले कोयले और लिग्नाइट गैसीकरण परियोजनाओं की प्रोत्साहन योजना को स्वीकृति दी है। इससे ऊर्जा क्षमता में वृद्धि होगी और 25 परियोजनाओं के माध्यम से लगभग 50 हजार रोजगार सृजित होंगे। साथ ही, कोयला गैसीकरण परियोजनाओं में निवेश के लिए नई दीर्घकालिक संभावनाएं विकसित होंगी। 

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को हुई बैठक में पृथ्वी की सतह के निकट स्थित कोयला/लिग्नाइट गैसीकरण परियोजनाओं की प्रोत्साहन योजना को मंजूरी दी है। यह योजना भारत के कोयला/लिग्नाइट गैसीकरण कार्यक्रम में तेजी लाने, वर्ष 2030 तक 100 मिलियन टन कोयले के गैसीकरण के राष्ट्रीय लक्ष्य को आगे बढ़ाने, ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने और तरलीकृत प्राकृतिक गैस - एलएनजी (50 प्रतिशत से अधिक आयात), यूरिया (20 प्रतिशत आयात), अमोनिया (100 प्रतिशत आयात) और मेथनॉल (80-90 प्रतिशत आयात) जैसे प्रमुख उत्पादों की आयात निर्भरता कम करने की दिशा में बड़ा कदम है। 

दीर्घकालिक आपूर्ति समझौता की अवधि 30 वर्ष के लिए  बढ़ाई

केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण सुधार के तहत गैर-विनियमित क्षेत्र (एनआरएस) लिंकेज नीलामी ढांचे में कोयले को सिंथेटिक गैस में परिवर्तित करने की उत्पादन प्रक्रिया उप-क्षेत्र के तहत कोयला लिंकेज (कोयला उत्पादक कंपनियों और कोयला उपभोकताओं संयंत्र या उद्योग के बीच दीर्घकालिक आपूर्ति समझौता) की अवधि 30 वर्ष बढ़ा दी है।यह निर्णय कोयला गैसीकरण परियोजनाओं में निवेश के लिए कारगर सिद्ध होगा। 

उल्लेखनीय है कि भारत के पास कोयले के भण्डार के रूप में लगभग 401 अरब टन और कोयले के एक निम्न प्रकार लिग्नाइट के 47 अरब टन की उपलब्धता है। सम्पूर्ण देश के ऊर्जा मिश्रण में कोयले की हिस्सेदारी 55 प्रतिशत से अधिक है। गैसीकरण प्रक्रिया से कोयले/लिग्नाइट को सिंथेटिक गैस में बदला जाता है जो घरेलू स्तर पर ईंधन और रसायनों के उत्पादन के लिए बहुउपयोगी कच्चा माल है।


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Content Editor

Himansh sharma

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