वनक्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पर गरमाई सियासत, शिवराज और बेटे कार्तिकेय पर मामला दर्ज कराने की उठी मांग
Wednesday, Oct 14, 2026-02:36 PM (IST)
भोपालः मध्यप्रदेश के पूर्व आईएफएस और सिस्टम परिवर्तन अभियान के अध्यक्ष आजाद सिंह डबास ने मध्यप्रदेश में बुधनी विधानसभा क्षेत्र के कोसमी वनक्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान कथित हस्तक्षेप को लेकर केंद्रीय मंत्री व पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, कार्तिकेय सिंह चौहान और विधायक रमाकांत भार्गव के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज कराने की मांग की है। इस संबंध में उन्होंने मध्यप्रदेश राज्य वन विकास निगम के प्रबंध संचालक मनोज अग्रवाल को पत्र लिखकर मामले में कार्रवाई करने का आग्रह किया है। पत्र में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
पत्र के अनुसार, 11 अक्टूबर को कोसमी के कक्ष क्रमांक 426 में वर्ष 2022 में हुए कथित अतिक्रमण को हटाने के दौरान वन विकास निगम के कर्मचारियों को विरोध का सामना करना पड़ा। पत्र में आरोप लगाया गया है कि शिवराज सिंह चौहान और रमाकांत भार्गव ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई में बाधा डाली, जबकि प्रशासन की अनुमति के बिना कोसमी डिपो में प्रवेश कर धरना-प्रदर्शन किया गया। पत्र में इन आरोपों के आधार पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कानूनी कारर्वाई की मांग की गई है। डबास ने पत्र में वन विकास निगम की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा है कि सीहोर परियोजना मंडल के कुल 26,251 हेक्टेयर क्षेत्र में से 1,405 हेक्टेयर वृक्षारोपण क्षेत्र में अतिक्रमण दर्ज किया गया है।
रिपोर्ट के अनुसार, कक्ष क्रमांक 426 में 12 लोगों द्वारा लगभग 31.48 हेक्टेयर वनभूमि पर अतिक्रमण कर अस्थायी झोपड़ियां बनाई गई थीं और करीब 78,700 पौधों को नुकसान पहुंचा। निगम की ओर से अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध वन अपराध प्रकरण दर्ज करने और बेदखली संबंधी कार्रवाई किए जाने का उल्लेख भी पत्र में है। पत्र में यह सवाल भी उठाया गया है कि वर्ष 2022 में हुए कथित अतिक्रमण की जानकारी वन विभाग को पहले क्यों नहीं मिली और वर्ष 2025 में ही इसके विरुद्ध कार्रवाई क्यों शुरू हुई।
डबास ने संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच कर जिम्मेदारी तय करने तथा वनक्षेत्रों में अतिक्रमण रोकने के लिए उपग्रह चित्रों के आधार पर वन अधिकार दावों की पात्रता जांचने संबंधी शासनादेश जारी करने की मांग की है। डबास ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, मुख्य सचिव और वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को भी पत्र की प्रतियां भेजकर मामले में निष्पक्ष जांच और आवश्यक कार्रवाई का अनुरोध किया है।

