विवादित जमीन पर धरना पड़ा भारी, भाजपा विधायक को ग्रामीणों ने घेरकर खदेड़ा, लगे ‘मुर्दाबाद’ के नारे

Sunday, Jan 04, 2026-12:30 PM (IST)

रीवा। (गोविंद सिंह): मऊगंज से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है, जहां सत्ता के रसूख पर जनता का आक्रोश भारी पड़ गया। भाजपा विधायक प्रदीप पटेल, जो एक विवादित जमीन पर कांग्रेस नेता के समर्थन में धरने पर बैठे थे, उन्हें ग्रामीणों के जबरदस्त विरोध का सामना करना पड़ा। हालात इतने बिगड़ गए कि ग्रामीणों ने विधायक को घेरकर ‘मुर्दाबाद’ के नारे लगाए और मौके से खदेड़ दिया। सवाल यह है कि आखिर अपनी ही विधानसभा में विधायक को अपनों के बीच से भागने पर क्यों मजबूर होना पड़ा?

ये तस्वीरें इस बात की गवाह हैं कि जब जनप्रतिनिधियों पर पक्षपात के आरोप लगते हैं, तो जनता का गुस्सा किस कदर फूट पड़ता है। मऊगंज बायपास पर कड़कड़ाती ठंड में प्लास्टिक की पन्नी के नीचे धरने पर बैठे भाजपा विधायक प्रदीप पटेल को शायद अंदाजा नहीं था कि उन्हें यहां से यूं खदेड़ दिया जाएगा। कांग्रेस नेता विनोद मिश्रा के पक्ष में खड़े विधायक ने जैसे ही दूसरे पक्ष के लल्लू पांडेय को पुलिस के जरिए थाने भिजवाया, ग्रामीणों का सब्र टूट गया।

PunjabKesariदेखते ही देखते सैकड़ों ग्रामीण मौके पर जुट गए और विधायक को चारों तरफ से घेर लिया। हवा में ‘प्रदीप पटेल मुर्दाबाद’ के नारे गूंजने लगे। ग्रामीणों ने विधायक से तीखे सवाल पूछे कि जब मामला कोर्ट में लंबित है, तो वे उसमें दखल क्यों दे रहे हैं? हालात उस वक्त और गंभीर हो गए, जब लल्लू पांडेय के परिवार ने आत्मदाह की कोशिश की। इसके बाद गुस्साई भीड़ ने साफ शब्दों में कह दिया— “हमारी जमीन से बाहर जाइए।”

माहौल इतना तनावपूर्ण हो गया कि विधायक का वहां रुकना मुश्किल हो गया। ग्रामीणों के उग्र तेवर देखकर पुलिस प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। पुलिस ने घेरा बनाकर विधायक को भीड़ से बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन आक्रोशित लोगों ने विधायक की गाड़ी तक रोक ली। काफी मशक्कत और पुलिस की सूझबूझ के बाद विधायक को वहां से सुरक्षित निकाला गया, जिसे प्रत्यक्षदर्शी खुलकर ‘विधायक को खदेड़ना’ बता रहे हैं।

एक तरफ भाजपा विधायक और दूसरी तरफ कांग्रेस के दिग्गज नेता की इस जुगलबंदी ने मऊगंज की राजनीति में नया उबाल ला दिया है। अपनी ही जनता के विरोध के आगे विधायक को पीछे हटना पड़ा। थाने में घंटों बैठने के बावजूद किसी भी पक्ष की ओर से लिखित शिकायत दर्ज न होना, इस पूरे मामले में कई अनसुलझे सवाल खड़े करता है।


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Content Editor

Himansh sharma

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