MP में 15 पटवारी एक साथ सस्पेंड, स्वामित्व योजना में लापरवाही पर कलेक्टर का बड़ा एक्शन
Thursday, Oct 08, 2026-03:47 PM (IST)
रीवा। जिले में सरकारी योजनाओं के कामकाज को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। स्वामित्व योजना के क्रियान्वयन में अपेक्षित प्रगति नहीं होने और जिम्मेदारी में लापरवाही सामने आने के बाद प्रशासन ने एक साथ 15 पटवारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की है। कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी के निर्देश के बाद संबंधित एसडीएम ने सभी पटवारियों के निलंबन आदेश जारी कर दिए।प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद राजस्व अमले में भी हड़कंप की स्थिति है। अधिकारियों के मुताबिक स्वामित्व योजना के अंतर्गत संबंधित पटवारियों को ग्रामीण क्षेत्रों में सर्वेक्षण, संपत्तियों के सत्यापन और राजस्व अभिलेखों से जुड़े जरूरी कार्य पूरे करने की जिम्मेदारी दी गई थी। इन कार्यों को तय समय-सीमा में पूरा किया जाना था, लेकिन कई स्थानों पर काम की गति संतोषजनक नहीं पाई गई।
निर्देश के बावजूद नहीं सुधरी कार्यप्रणाली
मामले में प्रशासन की ओर से पहले भी संबंधित कर्मचारियों को काम में तेजी लाने और लंबित कार्यों को पूरा करने के निर्देश दिए गए थे। लापरवाही को लेकर नोटिस भी जारी किए गए। इसके बावजूद अपेक्षित सुधार नहीं होने पर अब निलंबन जैसी कड़ी कार्रवाई की गई है।
प्रशासन का मानना है कि स्वामित्व योजना सीधे ग्रामीणों की संपत्ति से जुड़े अधिकारों से संबंधित है। ऐसे में सर्वे और सत्यापन जैसे कार्यों में देरी का असर पात्र हितग्राहियों को मिलने वाले अधिकार पत्र पर पड़ सकता है। इसी वजह से योजना के काम को गंभीरता से लेते हुए जिम्मेदार कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई।
इन 15 पटवारियों पर हुई कार्रवाई
निलंबन की कार्रवाई की जद में आने वाले पटवारियों में बृजेश गुप्ता (लौवा लक्ष्मणपुर), अभिनव तिवारी (अमिरती), सौरभ सिंह (इटार पहाड़), आशीष पांडेय (उमरी), मधुर सिंह (मनिकवार), कौशल कोल (भौवार), इकबाल (व्योहरा), प्रकाश सोनी (रौरा), योगेश डाबर (जवा), निशांत नागवंशी (सूती), पुष्पराज सिंह (कोराव अमिलिया), नम्रता साहू (हर्दिकला), प्रशांत त्रिपाठी (मरैला), अजय पटेल (भटिगवां) और योगिता सिंह (बबैया) शामिल हैं।
ग्रामीणों को मिलता है संपत्ति का अधिकार
स्वामित्व योजना का उद्देश्य ग्रामीण आबादी वाले क्षेत्रों में लोगों की संपत्तियों का सर्वे और सत्यापन कर उन्हें उनकी संपत्ति से संबंधित अधिकार पत्र उपलब्ध कराना है। इसके लिए मौके पर सर्वेक्षण से लेकर रिकॉर्ड के सत्यापन तक कई स्तरों पर प्रक्रिया पूरी की जाती है।
रीवा प्रशासन की कार्रवाई से यह संकेत साफ है कि योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही को अब नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। अधिकारियों ने सरकारी कार्यों में जिम्मेदारी के साथ काम करने पर जोर दिया है और भविष्य में भी लापरवाही सामने आने पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी है।

