8वीं पास किसान ने बदली खेती की तस्वीर, हर 3 महीने बदलता है फसल का पैटर्न, सालाना 20 लाख तक की कमाई
Saturday, Feb 07, 2026-01:09 PM (IST)
बुरहानपुर: कहते हैं डिग्री नहीं, दूरदृष्टि और मेहनत इंसान को आगे ले जाती है—मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले के मोहद गांव के किसान प्रमोद भीम सिंह ने इस बात को सच कर दिखाया है। महज आठवीं तक पढ़े-लिखे प्रमोद आज खेती से हर साल 15 से 20 लाख रुपये की कमाई कर रहे हैं और 15 से 20 लोगों को रोजगार भी दे रहे हैं।
पारंपरिक खेती छोड़ी, नवाचार को बनाया हथियार
प्रमोद ने खेती की शुरुआत अपने पिता से सीखी पारंपरिक पद्धति से की थी। करीब 20 साल तक खेती करने के बावजूद उन्हें शुरुआती वर्षों में नुकसान झेलना पड़ा। घाटे से परेशान होकर उन्होंने खेती में बदलाव और प्रयोग करने का फैसला लिया—और यहीं से उनकी किस्मत ने करवट ली।
यूट्यूब और कृषि वैज्ञानिक बने सफलता की कुंजी
लगातार नुकसान के बाद प्रमोद ने यूट्यूब पर आधुनिक खेती से जुड़े वीडियो देखने शुरू किए और कृषि वैज्ञानिकों की सलाह पर अमल किया। नई तकनीक, सही फसल चयन और समय प्रबंधन ने उनकी खेती को पूरी तरह बदल दिया। जहां पहले घाटा था, वहां अब मुनाफा ही मुनाफा है।
हर 3–4 महीने में फसल, सालभर आमदनी
प्रमोद की खेती की सबसे बड़ी खासियत है—कम समय में तैयार होने वाली फसलें। वे हर 3 से 4 महीने में फसल बदलते हैं, जिससे खेत कभी खाली नहीं रहता और पूरे साल आय बनी रहती है। यही रणनीति उनकी बढ़ती आमदनी की सबसे बड़ी वजह बनी।
20 एकड़ खेती, 20 लोगों को रोज़गार
प्रमोद के पास 10 एकड़ अपनी जमीन है, जबकि 10 एकड़ जमीन वे किराए पर लेकर खेती करते हैं। कुल 20 एकड़ में खेती कर वे अपने खेतों में 15 से 20 मजदूरों को नियमित रोजगार उपलब्ध करा रहे हैं। बेहतर आमदनी के चलते वे हर साल खेती का दायरा बढ़ा रहे हैं।
कई फसलों का सफल मॉडल प्रमोद तुअर, चना, मूंग, सोयाबीन, खीरा, ककड़ी, तरबूज और फूलों की खेती करते हैं। इसके अलावा केला, कपास और गन्ना भी उनकी फसल सूची में शामिल है। वे 2 से 3 एकड़ में तेजी से तैयार होने वाली फसलें लगातार लगाते रहते हैं, जिससे साल के अंत तक 15–20 लाख रुपये की कमाई संभव हो पाती है।
नवाचार ही है सफलता की असली चाबी
प्रमोद भीम सिंह का साफ कहना है कि अगर किसान नई तकनीक, नए प्रयोग और सही जानकारी को नहीं अपनाएगा, तो आगे बढ़ना मुश्किल है। उनकी सफलता को देखकर आसपास के कई किसान भी अब आधुनिक और बहुफसली खेती की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। प्रमोद की कहानी उन लाखों किसानों के लिए प्रेरणा है, जो खेती को घाटे का सौदा मानते हैं—सही सोच और सही रणनीति से खेती भी करोड़ों का रास्ता खोल सकती है।

