कांग्रेस का पुतला दहन बना आग का खेल! यातायात प्रभारी झुलसे, पुलिस महकमे में हड़कंप
Friday, Feb 20, 2026-01:30 PM (IST)
मैहर (प्रशांत शुक्ला) : मैहर की सियासत में उस वक्त हड़कंप मच गया जब कांग्रेसियों का पुतला दहन कार्यक्रम अचानक बेकाबू हो गया और आग की लपटों में यातायात प्रभारी झुलस गए। देखते ही देखते विरोध प्रदर्शन ‘आक्रामक आग’ में बदल गया और कुछ पल के लिए पूरा इलाका दहशत में आ गया। गनीमत रही कि बड़ी जनहानि टल गई, वरना नतीजे बेहद भयावह हो सकते थे।

ज्वलनशील पदार्थ के साथ पुतला दहन — जिम्मेदार कौन?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि ज्वलनशील पदार्थ के साथ खुले सड़क पर पुतला दहन की इजाज़त किसने दी? क्या सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर राजनीति की चिंगारी भड़काई गई? सूत्रों के मुताबिक इस प्रदर्शन में कांग्रेस के जिला अध्यक्ष, ब्लॉक अध्यक्ष सहित कई कार्यकर्ता मौजूद थे। अब सवाल उठ रहा है कि क्या कार्यक्रम की तैयारी में सुरक्षा का कोई खाका था भी या नहीं?

पुलिस महकमे में हड़कंप, एसपी खुद सड़क पर
घटना के बाद पुलिस विभाग में अफरा-तफरी मच गई। मामला गंभीर होते देख पुलिस अधीक्षक खुद मौके पर सक्रिय हो गए। तत्काल हालात काबू में लिए गए और जिम्मेदार लोगों की पहचान कर कांग्रेस नेताओं पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
राजनीतिक आग या लापरवाही?
इस घटना ने शहर की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है—
- क्या विरोध की आड़ में नियमों की अनदेखी की गई?
- क्या प्रशासन से अनुमति और सुरक्षा व्यवस्था की पुष्टि हुई थी?
- सार्वजनिक स्थान पर आगजनी की जिम्मेदारी कौन लेगा?
बड़ा हादसा टला, लेकिन सबक कब?
अगर आग फैल जाती या भीड़ में अफरा-तफरी मचती, तो हालात नियंत्रण से बाहर हो सकते थे। यातायात प्रभारी का झुलसना इस बात का संकेत है कि प्रदर्शन अब सिर्फ प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि खतरनाक मोड़ ले रहे हैं। मैहर में यह घटना सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि चेतावनी है-राजनीतिक विरोध लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन कानून और सुरक्षा से बड़ा कोई एजेंडा नहीं।


