MP BJP में नियुक्ति पर घमासान! पूर्व मंत्री बोले- आपराधिक प्रवृति वाले को पद देना शुभ संकेत नहीं
Monday, Apr 06, 2026-04:11 PM (IST)
भोपाल : भारतीय जनता पार्टी के युवा मोर्चा में सूर्या यादव को प्रदेश उपाध्यक्ष नियुक्त किए जाने को लेकर पार्टी में घमासान छिड़ गया है। धार जिले के बदनावर क्षेत्र से जुड़े इस फैसले ने संगठन के अंदर सियासी हलचल पैदा कर दी है। कई नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच यह चर्चा का विषय बन गया है कि क्या यह नियुक्ति पार्टी की स्थापित छवि और कार्यशैली के अनुरूप है या नहीं।
दत्तीगांव का तीखा विरोध और सवाल
Rajvardhan Singh Dattigaon ने इस नियुक्ति पर खुलकर नाराजगी जताई है। बिना नाम लिए उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति को इतनी बड़ी जिम्मेदारी दी गई है, वह न केवल लंबे समय से निष्क्रिय रहा है, बल्कि उसकी छवि भी विवादों से घिरी हुई है। उन्होंने इसे “शुभ संकेत नहीं” बताते हुए कहा कि ऐसे फैसले पार्टी के भविष्य और युवाओं के भरोसे पर असर डाल सकते हैं।
आपराधिक आरोप और शिकायत की बात
दत्तीगांव ने दावा किया कि संबंधित नेता पर कई आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं और वह पिछले दो वर्षों से जिले की राजनीति में सक्रिय भी नहीं रहा। उन्होंने बताया कि इस पूरे मामले को लेकर उन्होंने पार्टी नेतृत्व को लिखित शिकायत भेजी है, जिसमें इन सभी बिंदुओं का विस्तार से उल्लेख किया गया है। उन्होंने यहां तक कहा कि जरूरत पड़ने पर आरटीआई के जरिए थाने से रिकॉर्ड भी निकलवाया जा सकता है, जिससे सच्चाई सामने आ सके।
पार्टी की छवि और नेतृत्व पर नजर
दत्तीगांव ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि भाजपा जैसी स्वच्छ छवि वाली पार्टी ऐसे चेहरों को आगे बढ़ाएगी, तो इससे युवाओं का भरोसा कमजोर हो सकता है। उन्होंने Deendayal Upadhyaya और Syama Prasad Mukherjee की विचारधारा का हवाला देते हुए संगठन में अनुशासन और पारदर्शिता बनाए रखने की बात कही। अब सबकी नजर पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर टिकी है कि वह इस विवादित नियुक्ति पर क्या रुख अपनाता है—फैसले पर कायम रहता है या फिर अंदरूनी विरोध को देखते हुए पुनर्विचार करता है।

