इंदौर से जल क्रांति की शुरुआत! Mohan Yadav ने लॉन्च किया ‘जल गंगा संवर्धन अभियान 3.0’, 22 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात
Thursday, Mar 19, 2026-05:33 PM (IST)
इंदौर: नव संवत्सर और Gudi Padwa के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने इंदौर के इस्कॉन मंदिर परिसर स्थित तालाब में गंगा जल अर्पित कर प्रदेशव्यापी “जल गंगा संवर्धन अभियान 3.0” का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की और गौ-पूजन भी किया।

मुख्यमंत्री ने बताया कि यह अभियान गुढ़ी पड़वा से लेकर गंगा दशहरा तक, यानी करीब 139 दिनों तक पूरे मध्यप्रदेश में संचालित होगा। अभियान के तहत सभी जिलों, नगरीय निकायों और ग्राम पंचायतों में जनभागीदारी से जल संरक्षण, जल स्रोतों के पुनर्जीवन और जल संचयन के व्यापक कार्य किए जाएंगे। इस अभियान में लगभग 2500 करोड़ रुपये की प्रस्तावित राशि से विभिन्न कार्यों को गति दी जाएगी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश नदियों का मायका है, जहां से 250 से अधिक नदियां निकलती हैं। जल संरक्षण केवल आवश्यकता नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और जीवन का आधार है। “जल है तो कल है” के संदेश के साथ मुख्यमंत्री ने उपस्थित लोगों को जल की एक-एक बूंद बचाने की शपथ भी दिलाई।
इंदौर को बड़ी सौगात देते हुए मुख्यमंत्री ने अमृत 2.0 परियोजना के तहत करीब 22 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का भूमि-पूजन किया। इसमें बिलावली, लिम्बोदी और छोटा सिरपुर तालाब के जीर्णोद्धार कार्य शामिल हैं। उन्होंने बताया कि शहर में अब तक 21 बावड़ियों का पुनरुद्धार किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने भारतीय संस्कृति को पराक्रम, पुरुषार्थ और उत्सव की संस्कृति बताते हुए कहा कि विक्रम संवत 2083 का यह शुभारंभ हमें प्रकृति और परंपराओं से जुड़ने का संदेश देता है। उन्होंने सम्राट विक्रमादित्य और लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के योगदान को याद करते हुए जल स्रोतों के संरक्षण को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया।

