छत्तीसगढ़ विधानसभा में 2026-27 के लिए 1.72 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश, किसानों के लिए बड़ी घोषणाएं, आय में होगी बढ़ोतरी
Tuesday, Feb 24, 2026-03:25 PM (IST)
रायपुर: छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी ने मंगलवार को विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 1.72 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया। यह बजट 'संकल्प' (एसएएनकेएएलपी) विषयवस्तु पर आधारित है, जिसमें समावेशी विकास एवं अवसंरचना को तेज करना और निवेश को बढ़ावा देना शामिल है। वर्ष 2023 में सत्ता में आई भाजपा के नेतृत्व वाली विष्णु देव साय सरकार का यह तीसरा बजट है। सरकार का पहला बजट 'ज्ञान' (गरीब, युवा, अन्नदाता, नारी) विषयवस्तु पर आधारित था, जबकि पिछले साल यह 'गति' (सुशासन, अवसंरचना को तेज करना, प्रौद्योगिकी और आद्योगिक विकास) पर केंद्रित था।
किसानों के लिए खास तोहफा
राज्य सरकार ने भूमिहीन कृषि मजदूर योजना के लिए 600 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इस योजना के तहत भूमिहीन श्रमिकों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। कृषक उन्नति योजना के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। वित्त मंत्री ने बताया कि पिछले तीन वर्षों में राज्य में 437 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई, जो किसानों के हित में सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह आंकड़ा राज्य की कृषि उत्पादन क्षमता और समर्थन मूल्य नीति की सफलता को भी दर्शाता है। सिंचाई सुविधा को सुदृढ़ करने के लिए निशुल्क पंप योजना हेतु 5500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे किसानों को बिजली आधारित सिंचाई साधनों का लाभ मिलेगा और खेती की लागत में कमी आएगी। फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पाम ऑयल की खेती को प्रोत्साहित किया जाएगा, जिसके लिए 150 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। सरकार का लक्ष्य पारंपरिक धान आधारित खेती के साथ-साथ वैकल्पिक फसलों को बढ़ावा देना है, ताकि किसानों की आय के स्रोत बढ़ सकें।
बजट पेश करते हुए चौधरी ने कहा कि इस साल का बजट 'संकल्प' – समावेशी विकास, अवसंरचना, निवेश, कुशल मानव संसाधन, अंत्योदय, जीवनयापन और नीति से परिणाम तक, पर केंद्रित है जिसका मकसद राज्य के विकास के सफर को तेज करना है। उन्होंने कहा कि सरकार राज्य में रानी दुर्गावती योजना शुरू करेगी, जिसके तहत बालिकाओं को 18 साल की उम्र पूरी होने पर 1.5 लाख रुपये मिलेंगे। वित्त मंत्री ने कहा कि बस्तर इलाके के अबूझमाड़ और जगरगुंडा में शिक्षा शहर बनाने के लिए एक सौ करोड़ रुपये दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि कुनकुरी, मनेंद्रगढ़ और दंतेवाड़ा में नए मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। चौधरी ने कहा कि राज्य में खेल एवं संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए बजट में बस्तर और सरगुजा ओलंपिक के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है। वित्त मंत्री ने कहा कि बस्तर नेट परियोजना के लिए पांच करोड़ रुपये मंजूर करके दूरदराज के इलाकों में डिजिटल संपर्क को मजबूत किया जाएगा। वहीं बस्तर में इंद्रावती नदी पर मतनार और देउरगांव बैराज बनाने के लिए बजट में 2,024 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढञ में निवेश और रोजगार बढ़ाने, 23 नए औद्योगिक पार्क बनाने के लिए बजट में 250 करोड़ रुपये का प्रावधान है। वहीं सरगुजा के मैनपाट में पर्यटन विकास के लिए पांच करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है। उन्होंने अपने बजट भाषण में कहा कि जगदलपुर और अंबिकापुर में हवाई सेवाओं का विस्तार किया जाएगा।
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