विवादों से घिरे भाजपा विधायक दिल्ली में अमित शाह से मिले, कांग्रेस बोली- कौन सा मामला निपटाने की बात की होगी?
Monday, Apr 13, 2026-08:03 PM (IST)
भोपाल : अवैध उत्खनन केस में जज को फोन करके कानूनी पेंच में फंसे भाजपा विधायक संजय पाठक एक बार फिर सुर्खियों में हैं। जिसको लेकर मध्यप्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। संजय पाठक ने 12 अप्रैल को दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की है। इस मुलाकात को लेकर कांग्रेस हमलावर हो गई है और सीधे सीधे सवाल उठा रही है।
संजय पाठक ने खुद शेयर किया फोटो
भाजपा विधायक संजय पाठक ने केंद्रीय मंत्री शाह के साथ सोशल मीडिया एक्स पर एक फोटो शेयर किया है। जिसमें लिखा- आज भारत सरकार के यशस्वी गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के नई दिल्ली स्थित निवास पर सौजन्य भेंट की तथा उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
आज भारत सरकार के यशस्वी गृह एवं सहकारिता मंत्री आदरणीय श्री @AmitShah जी के नई दिल्ली स्थित निवास पर सौजन्य भेंट की तथा उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। pic.twitter.com/4tEVlgck8k
— Sanjay Satyendra Pathak (@SanjayPathak3) April 12, 2026
कांग्रेस ने साधा निशाना
हालांकि संजय पाठक ने इस मुलाकात को एक सौजन्य भेंट बताया है। लेकिन इस पूरे घटनाक्रम को लेकर कांग्रेस ने भाजपा और विधायक संजय पाठक पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस ने तंज कसते हुए सवाल उठाया कि आखिर अमित शाह से पहले कौन सा मामला सुलझाने की बात की गई होगी। विपक्ष का आरोप है कि सत्ता के प्रभाव का दुरुपयोग किया जा रहा है।
आप क्या सोचते हैं? कमेंट में बताएं. pic.twitter.com/yhz5igl7mN
— MP Congress (@INCMP) April 13, 2026
मामले पर बढ़ी सियासी हलचल
इस मुद्दे के सामने आने के बाद प्रदेश में सियासी माहौल गरमा गया है। विपक्ष लगातार इस मामले को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है, वहीं भाजपा की ओर से अभी तक इस पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
क्या है मामला
दरअसल, अवैध उत्खनन मामले में भाजपा विधायक संजय पाठक पर हाईकोर्ट में चल रहे 443 करोड़ वसूली केस की सुनवाई करने वाले जस्टिस विशाल मिश्रा ने 1 सितंबर 2025 को सुनवाई से इनकार कर दिया था। हाईकोर्ट जस्टिस ने अपने आदेश में कहा था कि विधायक ने उनसे फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया। मामले में कटनी निवासी आशुतोष दीक्षित की तरफ से याचिका दायर कर कहा गया कि हाईकोर्ट के जज से संपर्क करने की कोशिश न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास माना जा सकता है। इस मामले में हाईकोर्ट ने अब संज्ञान लिया है। अटकलें हैं कि उनके ऊपर केस दर्ज हो सकता है।

