MP में शिक्षकों की छुट्टियों को लेकर बड़ा अपडेट ! नियम अनदेखा करने पर जाएगी नौकरी, निर्देश जारी
Thursday, Feb 26, 2026-03:34 PM (IST)
भोपाल : मध्य प्रदेश अब स्कूलों से बिना सूचना गायब रहने वाले शिक्षकों पर कड़ी कार्रवाई की तैयारी कर ली गई है। राजधानी भोपाल स्थित लोक शिक्षण संस्थान विभाग ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि यदि कोई शिक्षक लगातार 7 दिन तक बिना पूर्व सूचना अपनी ड्यूटी से अनुपस्थित रहता है, तो उसकी सेवा सीधे समाप्त की जा सकती है। इस आदेश के बाद शिक्षा महकमे में हलचल तेज हो गई है और सभी जिलों में इसे गंभीरता से लागू करने की तैयारी शुरू हो चुकी है। विभाग ने इसे अनुशासन बहाली की दिशा में बड़ा कदम बताया है।
मंत्री का सख्त संदेश: अनुशासन सर्वोपरि
स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप ने इस फैसले पर दो टूक शब्दों में कहा कि विभाग में अनुशासन सर्वोपरि है। उनका कहना है कि हर व्यवस्था की अपनी मर्यादा होती है और यदि शिक्षक ही अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाएंगे तो विद्यार्थियों का भविष्य सुरक्षित नहीं रह सकता। मंत्री ने साफ कर दिया है कि शिक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की ढिलाई, मनमानी या लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार का उद्देश्य सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता सुधारना और विद्यार्थियों को नियमित एवं प्रभावी शिक्षा उपलब्ध कराना है।
अनुपस्थिति पर जवाबदेही और रिपोर्टिंग अनिवार्य
नए आदेश के अनुसार, यदि कोई शिक्षक किसी कारणवश ड्यूटी पर उपस्थित नहीं हो पाता है तो उसे संबंधित अधिकारी को पूर्व सूचना देना अनिवार्य होगा। लगातार 7 दिन बिना सूचना अनुपस्थित रहने पर सेवा समाप्ति की कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, यदि शिक्षक की गैरहाजिरी से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होती है, तो उसकी जवाबदेही भी तय की जाएगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिम्मेदार और समर्पित शिक्षकों को पूरा सम्मान और संरक्षण मिलेगा, लेकिन लापरवाही करने वालों पर सीधे और सख्त कदम उठाए जाएंगे।
जिलों से आ रही शिकायतें और सुधार की उम्मीद
बताया जा रहा है कि राज्य के कई जिलों से शिक्षकों की नियमित रूप से कक्षाओं में अनुपस्थित रहने की शिकायतें सामने आई हैं। इससे सरकारी स्कूलों में पढ़ाई बाधित हो रही है और अभिभावकों में असंतोष बढ़ रहा है। विभाग ने इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए सख्ती दिखाई है। अब देखने वाली बात होगी कि इस कठोर आदेश के बाद शिक्षा व्यवस्था में कितना सुधार आता है और गैरहाजिर रहने वाले शिक्षकों के व्यवहार में कितना बदलाव होता है। फिलहाल, शिक्षा विभाग का संदेश साफ है—ड्यूटी से गायब रहना अब महंगा पड़ेगा।

