राहुल गांधी के खुलासे पर बोले नकुलनाथ-अब पता चला 2023 में कैसे कमलनाथ जैसे कुशल रणनीतिकार को हराया गया था,हराना असंभव था
Friday, Sep 25, 2026-09:40 PM (IST)
भोपाल : मध्य प्रदेश की राजनीति में 2023 विधानसभा चुनाव के नतीजों को लेकर एक बार फिर सियासी बहस तेज हो गई है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में कथित ‘वोट चोरी’ के आरोप लगाए। राहुल गांधी के इस बयान के बाद पूर्व सांसद और कांग्रेस नेता नकुलनाथ ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर 2023 के विधानसभा चुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की हार पर सवाल खड़े किए हैं।
नकुलनाथ ने अपनी पोस्ट में लिखा- “असंभव था कमलनाथ का मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 हारना।” नकुलनाथ का दावा है कि राहुल गांधी ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट किया कि बड़े पैमाने पर कथित वोट चोरी की शुरुआत मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 से हुई थी। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के मुताबिक उनकी टेक्निकल एक्सपर्ट टीम ने भी कहा था कि ऐसे चुनावी नतीजे संभव नहीं थे।
"असंभव था कमलनाथ जी का मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 हारना"
— Nakul Kamal Nath (@NakulKNath) September 25, 2026
नेता प्रतिपक्ष श्री
राहुल गांधी ने आज की अतिमहत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस में फिर स्पष्ट किया कि इतने बड़े पैमाने पर वोट चोरी की शुरुआत मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 से हुई।
श्री गांधी ने कहा कि उनकी टेक्निकल… pic.twitter.com/q2R9fx7Sth
नकुलनाथ ने आगे आरोप लगाया कि कमलनाथ के नेतृत्व में कांग्रेस 2023 का विधानसभा चुनाव जीत रही थी, लेकिन कथित वोट चोरी के जरिए उन्हें हराया गया। उन्होंने 2018 के विधानसभा चुनाव का भी जिक्र किया। नकुलनाथ के मुताबिक, 2018 में कांग्रेस की जीत के बाद चुनाव आयोग ने करीब 24 लाख फर्जी मतदाताओं को हटाया था। उन्होंने आरोप लगाया कि 2023 के चुनाव से पहले फर्जी वोटरों को लेकर शिकायतें सामने आने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। नकुलनाथ ने यह भी दावा किया कि चुनाव के बाद आयोग ने मध्य प्रदेश में करीब 33 लाख फर्जी वोटरों की बात स्वीकार की थी।
नकुलनाथ ने अपने पोस्ट के अंत में आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 से शुरू हुई कथित “लोकतंत्र की हत्या” अब ईवीएम और वोटर लिस्ट में करोड़ों वोटरों से जुड़े सवालों तक पहुंच गई है। हालांकि, वोट चोरी और फर्जी मतदाताओं को लेकर कांग्रेस की ओर से लगाए गए इन आरोपों पर चुनाव आयोग और संबंधित पक्षों का पक्ष भी इस पूरे विवाद में अहम रहेगा।

