आखिर ऐसी क्या चीज है जो दिग्विजय सिंह को बना सकती है राष्ट्रीय अध्यक्ष, हाईकमान ने क्यों जताया भरोसा...

9/29/2022 7:31:52 PM

भोपाल(विवान तिवारी): बीते दिन खबर आई कि दिग्विजय सिंह को केरल से तुरंत दिल्ली बुलाया गया है। बस फिर क्या था उधर खबर आई इधर मध्य प्रदेश में खलबली मच गई। राजधानी से प्रदेश के कोने-कोने में यह खबर फैल गई कि पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के कद्दावर नेता दिग्विजय सिंह को दिल्ली बुलाया गया है। इसके साथ में ही ऐसी भी खबर आई कि वह अपने सारे डाक्यूमेंट्स लेकर दिल्ली पहुंचे है। इसके साथ हर रोज सियासी गलियारों में बैठके लगाने वाले, सियासत पर बात करने वाले, राजनीतिक विश्लेषकों, पंडितों और तमाम कई ऐसे लोग जो कई बड़े-बड़े कयासों को हवा दिया करते हैं वहा चर्चाओं का जोर शुरू हो गया। आलम तो ये है कि कई राजनीतिक पंडित दिग्विजय सिंह को ही राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने पर तुले हुए हैं। मगर पंजाब केसरी तीन अलग-अलग पॉइंट से आपको यह समझाने का प्रयास करेगा कि आखिरकार राष्ट्रीय अध्यक्ष की कुर्सी पर क्यों सटीक बैठ रहे हैं दिग्विजय सिंह...

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• 1. भाजपा और आर एस एस से सीधे तौर पर लड़ने वाला एकमात्र कांग्रेसी नेता

देशभर में कांग्रेस कई बार भाजपा और आरएसएस को घेर कर आम जनता में अपनी पकड़ बनाने में लगी रहती है जहां एक तरफ एकजुट होकर कांग्रेस के कार्यकर्ता पदाधिकारी और नेता भारतीय जनता पार्टी को के ऊपर हमलावर होते हैं तो वहीं दूसरी ओर अकेले पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के कद्दावर नेता दिग्विजय सिंह पूरी ताकत से कई बार आर एस एस और बी जे पी पर धावा बोलते नजर आते हैं। यही नहीं इन सबके बीच भारतीय जनता पार्टी भी दिग्विजय सिंह को घेरती है मगर बावजूद इन सबके दिग्गी राजा बड़े ही आराम से उस घेराव से बाहर निकल आते हैं और लगातार अपने ट्विटर हैंडल पर आर एस एस और भाजपा के खिलाफ ट्वीट करते रहते हैं। ऐसे में जिस प्रकार से देश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है उसे देखते हुए दिग्विजय सिंह बहुत अच्छे से पार्टी की विचारधारा और उनके काम करने की रणनीति को समझते हैं और उसी आधार पर कांग्रेस को मजबूत कर सकते हैं।

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• 2. सबसे लंबा राजनीतिक, संवैधानिक और प्रशासनिक अनुभव

दूसरे अन्य राष्ट्रीय अध्यक्ष की रेस में चल रहे कांग्रेस नेताओं में सबसे लंबा राजनीतिक, संवैधानिक और प्रशासनिक अनुभव दिग्विजय सिंह का है ये कई नेताओं का ही कहना है। राजा साहब मध्य प्रदेश में 10 वर्षों तक मुख्यमंत्री की पद पर रहे, उन्होंने लंबे समय तक कांग्रेस में जनरल सेक्रेटरी का पद संभाला, पार्टी के कई बड़ी-बड़ी कमेटियों में सदस्य और पदाधिकारी के रूप में रहे। यही नहीं ऐसा बताया जाता है कि भारत जोड़ो यात्रा का प्रस्ताव आलाकमान के सामने उन्होंने ने ही रखा था जिसकी चर्चा इन दिनों जोरों पर है और वह यात्रा लगातार चल रही। जिस प्रकार से उन्होंने मध्यप्रदेश में नर्मदा परिक्रमा यात्रा निकाली थी और नतीजा यह निकला था कि लंबे समय बाद कांग्रेस की सरकार प्रदेश में बन पाई थी। उसी प्रकार से उन्होंने इस यात्रा का पूरा खाका तैयार किया जिससे देश में भी कांग्रेस कुछ बड़ा कर सकें। ऐसा कहा जाता है कि जब दिग्गी राजा उत्तर प्रदेश के प्रभारी हुआ करते थे तो उन दिनों लोकसभा की सबसे ज्यादा सीटें प्रदेश में आई थी। राजा साहब की ऐसे कई उपलब्धियां है जिसका सीधा फायदा कांग्रेस को मिला है।

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• 3 कश्मीर से कन्याकुमारी तक कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से गहरे संबंध

पूरे देश में ऐसा कहा जाता है कि दिग्विजय सिंह एक ऐसे नेता है जिनके कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों, नेताओं से कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक गहरे संबंध है। यही नहीं कई तो इनके बहुत करीबी हैं और कई के किचन केबिनेट के यह मेंबर भी है। ऐसे में जिस प्रकार से कांग्रेस पार्टी आपसी मतभेद, गुटबाजी का शिकार हो रही है देश के अलग-अलग हिस्सों में लोग पार्टी का साथ छोड़ रहे हैं, इन सब को एकजुट करने में सबसे ज्यादा अगर कोई काम आ सकता है तो वो है दिग्विजय सिंह। उनके कई करीबी बताते है कि कई बार गैर हिंदी पट्टी राज्यों में जहां पर सही तरीके से हिंदी बोल पाना लोगों के लिए मुश्किल होता है वहां पर दिग्विजय सिंह का नाम लोग बहुत ही साफ साफ बोलते हैं और उनसे जुड़ी कई अपनी स्मृतियां भी लोगों से सांझा करते हैं।


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meena

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