13 साल के दूल्हे की 18 साल की दुल्हन से होने जा रही थी शादी, टीम पहुंची और फेरे रुक गए!
Sunday, Apr 19, 2026-02:21 PM (IST)
इंदौर। अक्षय तृतीया के मौके पर जहां एक ओर शहरभर में विवाह समारोहों की धूम रही, वहीं दूसरी ओर महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम बाल विवाह रोकने के लिए लगातार सक्रिय नजर आई। शनिवार को इंदौर में दो ऐसे चौंकाने वाले मामले सामने आए, जहां दूल्हे की उम्र महज 13 वर्ष थी, जबकि एक दुल्हन 18 वर्ष की और दूसरी की उम्र अभी 18 साल पूरी होने में 6 महीने बाकी थी।प्रशासन की टीम ने समय रहते दोनों बाल विवाह रुकवाकर परिवारों को कानून और कम उम्र में शादी के दुष्परिणामों के बारे में समझाया। काफी देर तक चली समझाइश के बाद दोनों परिवार बच्चों के बालिग होने तक विवाह टालने के लिए तैयार हो गए।
पहला मामला अहिल्या पलटन क्षेत्र का है, जहां एक घर में शादी की पूरी तैयारी हो चुकी थी। मंडप सज चुका था, हल्दी की रस्म चल रही थी और महिलाएं मंगल गीत गा रही थीं। इसी दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम मौके पर पहुंची और दस्तावेजों की जांच शुरू की। लड़की के पिता ने दावा किया कि उनके समाज में 16 साल की उम्र में शादी की अनुमति है, लेकिन जब उनसे कोई वैधानिक दस्तावेज मांगा गया तो वे जवाब नहीं दे सके।
जांच में सामने आया कि लड़की अभी नाबालिग है और उसे 18 वर्ष की आयु पूरी करने में करीब 6 महीने बाकी हैं। वहीं दूल्हा सिर्फ 13 साल का निकला। अधिकारियों ने परिवार को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत सजा और कानूनी कार्रवाई की जानकारी दी। इसके बाद परिवार ने शादी रोकने की सहमति दे दी। परिजनों ने बताया कि शादी की तैयारियों में काफी खर्च हो चुका है और मेहमानों को निमंत्रण भी दिया जा चुका है। ऐसे में प्रशासन ने केवल भोजन कार्यक्रम की अनुमति दी, लेकिन स्पष्ट कर दिया कि विवाह नहीं होगा। साथ ही 19 अप्रैल को पूरे मामले पर निगरानी रखने की बात भी कही गई।
दूसरा मामला राऊ थाना क्षेत्र के संजय नगर का है, जहां गुपचुप तरीके से शादी की तैयारी चल रही थी। चाइल्ड हेल्पलाइन पर सूचना मिलने के बाद एसडीएम गोपाल वर्मा के निर्देश पर टीम मौके पर पहुंची। जांच में पता चला कि दुल्हन 18 वर्ष की हो चुकी है, लेकिन दूल्हा यहां भी सिर्फ 13 साल का था।
शुरुआत में परिजन शादी से इनकार करते रहे, लेकिन मौके की स्थिति और गुप्त सूचना से पूरा मामला स्पष्ट हो गया। प्रशासन और पुलिस ने परिवार को कानून की जानकारी दी, जिसके बाद उन्होंने बच्चों के बालिग होने तक विवाह नहीं करने का आश्वासन दिया। जिला कार्यक्रम अधिकारी रजनीश सिंह ने बताया कि जिले में चल रहे जागरूकता अभियान के कारण ऐसी शिकायतें तेजी से सामने आ रही हैं और हर सूचना पर तत्काल कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों ने यह भी कहा कि भविष्य में बच्चों के बालिग होने पर सरकार की कन्यादान योजना के तहत विवाह कराने में सहायता दी जाएगी, ताकि परिवारों पर आर्थिक बोझ न पड़े।

