बेहद दुखद,छुट्टी से लौटते ही 24 वर्षीय महिला आरक्षक ने सरकारी आवास में उठाया आत्मघाती कदम,पंखे पर झूलती मिली बॉडी
Tuesday, Jun 09, 2026-11:45 PM (IST)
गुना (मिसबाह नूर): गुना। जिला मुख्यालय स्थित पुलिस लाइन परिसर से एक बेहद हृदयविदारक और स्तब्ध कर देने वाली खबर सामने आई है। सिटी कोतवाली थाने में अपनी सेवाएं दे रही 25 वर्षीय महिला आरक्षक निशा शर्मा ने मंगलवार दोपहर अपने शासकीय क्वॉर्टर के भीतर फंदे पर झूलकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। घटना की भनक लगते ही पुलिस महकमे सहित पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।
मूल रूप से पड़ोसी जिले अशोकनगर की निवासी निशा शर्मा गुना पुलिस लाइन के ही एक सरकारी क्वॉर्टर में रह रही थीं। मंगलवार सुबह से ही उनके कमरे का मुख्य दरवाजा अंदर से बंद था। रोजाना की तरह सुबह जब कामवाली महिला वहां पहुंची, तो उसने कई दफा कुंडी खटखटाई, लेकिन भीतर से कोई सुगबुगाहट न होने पर वह वापस लौट गई। इसके बाद दोपहर करीब 12 बजे तक जब निशा के घर का दरवाजा नहीं खुला, तो पड़ोस में रहने वाले अन्य पुलिस परिवारों को किसी अनहोनी की आशंका हुई। उन्होंने फौरन मामले की जानकारी कैंट पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने जब अंदर से कोई जवाब नहीं पाया, तो दरवाजा तोडक़र भीतर प्रवेश किया, जहां निशा का शव पंखे के सहारे बेडशीट के फंदे पर लटका मिला।
प्रारंभिक तफ्तीश में यह बात सामने आई है कि मृतका निशा शर्मा दो दिनों के अवकाश पर अपने गृह जिला अशोकनगर गई हुई थीं और सोमवार शाम को ही वापस गुना ड्यूटी पर लौटी थीं। महज कुछ घंटों के भीतर ही उन्होंने ऐसा आत्मघाती कदम क्यों उठाया, इसका रहस्य अभी बरकरार है। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद हुआ है या नहीं, इस बात की फिलहाल आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
जानकारी के अनुसार शाम को ही महिला आरक्षक ने अपनी मां सहित अन्य परिजनों से हंसी खुशी से बात की थी। हादसे की सूचना निशा के परिजनों को दे दी गई है। कैंट थाना पुलिस के अनुसार, परिजनों के बयान और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही इस कदम के पीछे की असली वजह साफ हो सकेगी। इधर घटना की सूचना पर मौके पर पहुंची बहन की हालत बिगड़ गई। जिन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया।
इस मामले में गुना एडिशनल एसपी मानसिंह ठाकुर ने बताया कि महिला आरक्षक कोतवाली में पदस्थ थी। दो-तीन दिन से छुट्टी पर थीं कल ही लौटी थी। आज सुबह उठी नहीं। काम वाली बाई ने भी कई बार दरवाजा खटखटाया, लेकिन दरवाजा नहीं खुला। स्टॉफ ने जाकर दरवाजा तोडक़र देखा तो फांसी पर लटकी मिली। किन कारणों से फांसी लगाई है, इसकी जांच की जा रही है।परिजनों को सूचना दी गई है। मृतक महिला आरक्षक सरकारी क्वार्टर में अकेली रहती थी, उनके परिजन अशोकनगर के रहने वाले थे।
निशा के पिता अशोक शर्मा ने बताया कि कल ही हम लोगों से बात हुई थी। बड़ी हंसी खुशी से बात करती थी। कल बोल रही थी कि पापा चिंता मत करना मैं गुना आ गई हूं। पुलिस में भर्ती हुई थी तब सब में बहुत उत्साह था।
बहरहाल महिला पुलिस से जुड़े इस संवेदनशील मामले की कैंट थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।

