6 साल के मोहम्मद ने भीषण गर्मी में रखा रोजा, दिन भर बिना कुछ खाए परिवार की खुशहाली की मांगी दुआ
Saturday, Apr 23, 2022-12:13 PM (IST)
बड़वाह(वाजिद खान): रमजान का महीना हर मुसलमान के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है, जिसमें तीस या उनतीस दिनों तक रोजे रखकर खुदा की इबादत की जाती है। रमजान के पवित्र माह में घऱ के छोटे-बड़े बुजुर्ग और मुस्लिम महिलाएं रोजा रखती है। ऐसे में बड़ों को रोजा रखते देख अब मासूम भी खुदा की इबादत करते नजर आ रहे हैं। ऐसा ही एक नजारा खरगोन जिले के बड़वाह में देखने को मिला, जहां निमाड़ की भीषण गर्मी के बीच 6 साल के मासूम ने ना सिर्फ पहला रोजा रखा बल्कि विशेष नमाज भी अदा की।

इस नन्हें रोजदार का नाम मोहम्मद अशहर है,वैसे तो बड़वाह के नूर नगर कॉलोनी में रहने वाले मासूम मोहम्मद अशहर की उम्र महज अभी छह साल की है,लेकिन खुदा की इबादत का जज्बा इस कदर है कि उन्होने निमाड़ की भीषण गर्मी की परवाह ना करते हुए रमजान माह का पहला रोजा रखा। और दिनभर बिना कुछ खाए पिए खुदा की इबादत की। वैसे तो मोहम्मद अशहर की उम्र अभी पढ़ाई और खेलकूद की है लेकिन छोटी सी उम्र में जिस तरह से उन्होने निमाड़ की भीषण गर्मी 42-43 डिग्री तापमान में ना सिर्फ रमजान माह का रोजा रखा बल्कि विशेष नमाज अदा कर परिवार की खुशहाली की दुआ की।

वही छह वर्षीय मोहम्मद अशहर के द्वारा पहला रोजा रखने पर पिता मोहम्मद इसरार सहित परिवार काफी खुश नजर आ रहा है,नन्हे रोजदार के पिता मोहम्मद इसरार ने बताया कि जब से रमजान माह शुरु हुआ है तभी से अशहर रोजा रखने की जिद कर रहा था। जिसके चलते उन्होने पहला रोजा रखा। पहले रोजे के दौरान मासूम ने दिनभर खुदा की इबादत की और शाम को नमाज अदा करने के बाद अपना रोजा खोला।

पाक रमजान माह के दौरान हर नेकी का सवाब कई गुना बढ़ जाता है। इस महीने में एक रकात नमाज अदा करने का सवाब 70 गुना हो जाता है। यही वजह है कि घर में बड़ों को रोजा रख देख बच्चे भी अब भूख-प्यास की परवाह ना करते हुए रोजा रखकर खुदा की इबादत करने लगे है।

