कांग्रेस के एक और MLA की जा सकती है विधायकी,HighCourt का निर्वाचन रद्द करने वाली चुनाव याचिका निरस्त करने से इंकार
Saturday, Mar 21, 2026-09:50 PM (IST)
(जबलपुर): रीवा के कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा को कोर्ट से झटका लगा है। MP हाई कोर्ट से मिश्रा को राहत नहीं मिली है। दरअसल कोर्ट ने चुनाव याचिका निरस्त करने से इनकार करते हुए मामले में भाजपा के पराजित उम्मीदवार केपी त्रिपाठी की आस बरकरार रखी है। हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति विनय सराफ की एकलपीठ से अभय मिश्रा को राहत नहीं मिली है। रीवा जिले की सेमरिया विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा के निर्वाचन को चुनौती देने वाली दायर की गई चुनाव याचिका को निरस्त करने से हाइकोर्ट ने इनकार कर दिया है। कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट कर दिया है कि याचिका में मामले को ट्रायल के दौरान ही तथ्यों के आधार पर परखा जा सकता है।
2023 में हुए विधानसभा चुनाव को लेकर की है याचिका दाखिल
दरअसल रीवा की सेमरिया विधानसभा सीट पर साल 2023 में हुए विधानसभा चुनाव में हार का सामना करने वाले भाजपा उम्मीदवार केपी त्रिपाठी ने याचिका दाखिल की है। उन्होंने निर्वाचित कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा के निर्वाचन को चुनौती दी है। याचिकाकर्ता केपी त्रिपाठी का आरोप है कि निर्वाचित विधायक के मिश्रा के विरुद्ध अपराधिक प्रकरण दर्ज है लेकिन उन्होंने चुनावी हलफनामा में कोई अपराध दर्ज होने की जानकारी नहीं दी है। साथ ही विधायक पर बैंक लोन छिपाने का भी आरोप लगाया है।
कांग्रेस विधायक ने चुनाव याचिका निरस्त करने के लिए हाई कोर्ट में किया था आवेदन
कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा ने चुनाव याचिका निरस्त किए जाने की मांग करते हुए हाई कोर्ट में आवेदन दायर किया था। अनावेदक विधायक की ओर से तर्क दिया गया है कि निर्वाचन पत्र प्रस्तुत करते हुए उनके विरुद्ध कोई अपराधिक प्रकरण लंबित नही था।
याचिका को ट्रायल के दौरान तथ्यों का परीक्षण किए बिना निरस्त नहीं कर सकते-कोर्ट
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि याचिका में नामांकन पत्र के साथ दायर हलफनामा में जरूरी जानकारी छिपाने के बारे में गौर करने वाली बातें कही हैं। यदि याचिका में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो निर्वाचित विजेता उम्मीदवार का चुनाव निरस्त किया जा सकता है। साथ ही कोर्ट ने कहा कि चुनाव याचिका जनवरी 2024 में दायर की गई थी, अभी तक अनावेदक की तरफ से लिखित जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया है। लिहाजा विधायक को 4 हफ्ते में जवाब पेश कराने के निर्देश दिए हैं। फिलहाल कांग्रेस विधायक की निर्वाचन पर तलवार लटक सकती है।

