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ASI पर गिरी गाज! SP ने तत्काल प्रभार से किया निलंबित, लगे थे गंभीर आरोप

Wednesday, Oct 28, 2026-09:51 PM (IST)

छतरपुर (राजेश चौरसिया) : शहर के सिविल लाइन थाना में पदस्थ एक सहायक उपनिरीक्षक (ASI) का कथित तौर पर 2 हजार रुपए लेते हुए वीडियो सामने आया है। जिसके बाद एसपी रजत सकलेचा ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ASI सीताराम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर पुलिस लाईन अटैच कर दिया है।

बता दें कि एएसआई 2 हजार की रिश्वत लेते वीडियो वायरल हुआ था। मामले में फरियादी भवानीदीन प्रजापति का आरोप है कि पैसों के लेन-देन के मामले में समझौता होने और शिकायत वापस लेने के बावजूद पुलिसकर्मी उसे लगातार परेशान कर रहे थे। फरियादी का दावा है कि मामला निपटाने के एवज में उससे 5 हजार रुपए की मांग की गई थी। परेशान होकर उसने 2 हजार रुपए दिए और इस दौरान वीडियो बना लिया।

of an asi accepting a bribe has surfaced

22 हजार रुपए के लेन-देन का था मामला

जानकारी के मुताबिक, गौरिहार थाना क्षेत्र के ग्राम क्यूटी निवासी भवानीदीन प्रजापति दिव्यांग हैं और उनकी एक आंख से दिखाई नहीं देता। फरियादी के अनुसार, उसके एक रिश्तेदार ने 22 हजार रुपए के लेन-देन और रकम वापस नहीं मिलने को लेकर सिविल लाइन थाने में शिकायत की थी। बाद में उसने रिश्तेदार के पैसे लौटा दिए और दोनों के बीच राजीनामा हो गया। फरियादी का कहना है कि उसने शिकायत वापस लेने के संबंध में आवेदन भी दे दिया था।

5 हजार रुपए मांगने का आरोप

भवानीदीन का आरोप है कि समझौता होने के बाद भी सिविल लाइन थाने में पदस्थ ASI सीताराम उसे परेशान कर रहे थे। फरियादी के मुताबिक, उससे कहा जा रहा था कि शिकायत के मामले में उसकी तलाश है। मामला निपटाने के एवज में कथित तौर पर 5 हजार रुपए मांगे गए। इसके बाद उसने 2 हजार रुपए दिए और पूरी घटना का वीडियो बना लिया।

बैग खुलवाकर रखवाए रुपए, वीडियो में बातचीत भी

फरियादी द्वारा सामने लाए गए वीडियो में कथित तौर पर ASI रुपए लेते दिखाई दे रहे हैं। फरियादी का दावा है कि पुलिसकर्मी ने सीधे हाथ में रुपए लेने के बजाय उसका बैग खुलवाकर उसमें पैसे रखवाए। इसी दौरान रिकॉर्डिंग किए जाने का संदेह होने पर पुलिसकर्मी को यह पूछते हुए भी सुना जा सकता है कि 'क्या रिकॉर्डिंग कर रहे हो?' इसके बाद फरियादी वहां से चला जाता है।

अधिकारियों से शिकायत करने की तैयारी

फरियादी का कहना है कि जब लेन-देन का मामला सुलझ चुका था और शिकायत वापस लेने के लिए आवेदन दिया जा चुका था, तब भी उसे बेवजह परेशान किया गया और रुपए देने पड़े।


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Content Writer

meena

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