जिस कार्यक्रम में मौजूद थे बड़े कांग्रेस नेता... आखिर वहां ऐसा क्या हुआ कि पूर्व मंत्री समेत 5 पर दर्ज हो गई FIR?
Monday, Jul 20, 2026-10:58 PM (IST)
बैतूल। मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में कांग्रेस के संगठन सृजन कार्यक्रम के दौरान हुआ विवाद अब कानूनी कार्रवाई तक पहुंच गया है। जिला कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता विजय पारधी की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने पूर्व मंत्री सुखदेव पांसे सहित पांच नामजद आरोपियों और अन्य लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बताया गया है कि 18 जुलाई को शहर के जैन दादावाड़ी परिसर में कांग्रेस का संगठन सृजन कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी भी मौजूद थे। शिकायतकर्ता विजय पारधी का आरोप है कि कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेता एवं अधिवक्ता नवनीत मालवीय ने उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया। विरोध करने पर पूर्व मंत्री सुखदेव पांसे, मनोज मालवे, सलमान खान और अन्य लोगों ने उन्हें घेर लिया।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि उनके साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की गई, जान से मारने की धमकी दी गई तथा सार्वजनिक रूप से जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर उनका अपमान किया गया। मौके पर मौजूद लोगों के हस्तक्षेप के बाद विवाद शांत हुआ।
घटना के बाद विजय पारधी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उनका कहना है कि इस घटना से वह और उनका परिवार मानसिक रूप से परेशान और भयभीत है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
कोतवाली थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी देवकरण डहरिया के अनुसार वायरल वीडियो सहित अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
उधर, मामले में नामजद पूर्व मंत्री सुखदेव पांसे ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि घटना को वास्तविकता से अधिक बढ़ा-चढ़ाकर प्रस्तुत किया जा रहा है। वहीं कांग्रेस नेता मनोज मालवे का कहना है कि यह पार्टी का आंतरिक मामला है और इसे आपसी बातचीत से सुलझाया जा सकता है।
फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच में जुटी है। वायरल वीडियो, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। मामले की जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की पुष्टि या खंडन हो सकेगा।

