MP पटवारी ट्रांसफर नियम सख्त! नई संविलियन नीति लागू, वरिष्ठता और पोस्टिंग पर बड़ा बदलाव
Sunday, Jun 14, 2026-10:27 AM (IST)
भोपाल। मध्य प्रदेश में पटवारियों के तबादलों को लेकर सरकार ने बड़ा और सख्त फैसला लिया है। राज्य सरकार द्वारा जारी नई संविलियन नीति के बाद अब पटवारियों के लिए गृह तहसील या मनचाहे जिले में पदस्थापना पाना पहले से कहीं अधिक कठिन हो गया है। राजस्व विभाग ने यह नीति शुक्रवार देर रात जारी की, जो आगामी ट्रांसफर प्रक्रिया को पूरी तरह प्रभावित करेगी।नई व्यवस्था के तहत यह स्पष्ट कर दिया गया है कि पटवारी, जो कि जिला संवर्ग का पद है, उन्हें अब अंतर-जिला संविलियन के दौरान कई सख्त शर्तों का पालन करना होगा। सबसे बड़ा बदलाव यह है कि यदि कोई पटवारी दूसरे जिले में संविलियन कराता है तो उसकी पुरानी वरिष्ठता समाप्त हो जाएगी और नए जिले की वरिष्ठता व्यवस्था ही लागू होगी।
गृह तहसील में नौकरी पर रोक जैसी स्थिति
नई नीति के अनुसार अब पटवारियों को गृह तहसील में पदस्थ होने का अवसर नहीं मिलेगा। इससे ट्रांसफर व्यवस्था और अधिक नियंत्रित और पारदर्शी बनाने का दावा किया गया है, लेकिन कर्मचारियों में इसे लेकर चर्चा तेज हो गई है।
वरिष्ठता और सेवा शर्तों पर बड़ा असर
नीति में साफ कहा गया है कि.. अंतर-जिला संविलियन पर पूर्व जिले की वरिष्ठता मान्य नहीं होगी. ,नए जिले की वरिष्ठता सूची के आधार पर ही पदस्थापना होगी ,परिवीक्षा अवधि का निपटारा नए जिले में किया जाएगा ,संविलियन केवल रिक्त पदों की स्थिति में ही संभव होगा ,आरक्षण रोस्टर का पालन अनिवार्य होगा।
किन्हें मिलेगा लाभ और किन पर सख्ती
सरकार ने कुछ श्रेणियों को राहत भी दी है। 2022 पटवारी भर्ती के तहत नियुक्त कर्मचारी ही अंतर-जिला संविलियन के पात्र होंगे। वहीं विशेष परिस्थितियों में..
पति-पत्नी पटवारी (रिक्त पद होने पर)
गंभीर बीमारी से पीड़ित कर्मचारी
विधवा, तलाकशुदा एवं परित्यक्ता महिला पटवारी
आपसी सहमति से आवेदन करने वाले कर्मचारी
इन मामलों में संविलियन की अनुमति दी जा सकती है, लेकिन अंतिम निर्णय पद रिक्तता और नियमों के आधार पर ही होगा।
15 जून अंतिम तारीख, प्रक्रिया तेज
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि ट्रांसफर प्रक्रिया की अंतिम तिथि 15 जून निर्धारित है। संविलियन नीति जारी होने के बाद अब आवेदन प्रक्रिया और कड़ी निगरानी में पूरी की जाएगी। आयुक्त भू-संसाधन प्रबंधन के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन स्वीकार किए जाएंगे।
जिन पर प्रकरण दर्ज, उनका ट्रांसफर नहीं
नीति में यह भी प्रावधान किया गया है कि जिन पटवारियों पर किसी प्रकार का आपराधिक या विभागीय प्रकरण दर्ज है, उनके तबादले या संविलियन पर रोक रहेगी।
क्या बदलेगा सिस्टम?
नई नीति के लागू होने के बाद पटवारी संवर्ग में ट्रांसफर व्यवस्था अधिक संरचित और सीमित हो जाएगी। इससे जहां प्रशासनिक नियंत्रण मजबूत होने की बात कही जा रही है, वहीं कर्मचारियों के लिए अपनी पसंद की जगह पर पोस्टिंग पाना अब पहले से कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है।

