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भाजपा में पदों की जंग! कार्यकर्ता तरसे, विधायक नहीं दे रहे नाम, संगठन सख्त हुआ एक्टिव

Friday, May 15, 2026-12:48 PM (IST)

इंदौर/भोपाल। मध्यप्रदेश भाजपा संगठन में कार्यकर्ताओं को विभिन्न समितियों और प्राधिकरणों में जिम्मेदारी देने की प्रक्रिया धीमी पड़ गई है। पार्टी नेतृत्व और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की स्पष्ट मंशा के बावजूद कई विधायकों द्वारा नाम न दिए जाने से संगठनात्मक असंतोष की स्थिति बनती नजर आ रही है।

कार्यकर्ताओं को “सत्ता में भागीदारी” का प्रयास

प्रदेश नेतृत्व का प्रयास है कि लंबे समय से सक्रिय कार्यकर्ताओं को निगम, मंडल, प्राधिकरण और जिला स्तरीय समितियों में शामिल कर “सत्ता का अनुभव” दिया जाए। इसी उद्देश्य से इंदौर सहित विभिन्न जिलों में स्थानीय इकाइयों से नाम मांगे गए हैं। निर्देश दिए गए हैं कि चयन प्रक्रिया में विधायकों और कोर कमेटी सदस्यों की राय को भी शामिल किया जाए, ताकि किसी प्रकार का आंतरिक विवाद न हो।

कई विधायक नहीं दे रहे सूची

सूत्रों के अनुसार नगर और जिला भाजपा स्तर पर आयोजित बैठकों में सभी विधायकों से कार्यकर्ताओं के नाम मांगे गए थे। 25 से अधिक समितियों में लगभग 250 से ज्यादा पद भरे जाने हैं, लेकिन अधिकांश विधायकों ने अब तक सूची उपलब्ध नहीं कराई है। कुछ नेताओं ने केवल औपचारिक रूप से नाम दिए, जबकि कई अभी भी टालमटोल की स्थिति में हैं।

पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि नाम देने में हिचकिचाहट का कारण यह है कि सीमित पदों पर अधिक दावेदार हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर असंतोष और गुटबाजी बढ़ने की आशंका बनी रहती है।

संगठन की सख्ती, तय समय पर प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश

आगामी 30 और 31 मई को होने वाले नगर भाजपा के प्रशिक्षण वर्ग से पहले लगभग 40 कार्यकारिणी सदस्यों की नियुक्ति की जानी है। प्रदेश संगठन ने स्पष्ट कर दिया है कि यह प्रक्रिया निर्धारित समय सीमा में पूरी होनी चाहिए। यदि विधायकों की ओर से नाम नहीं आते हैं तो संगठन अपने स्तर पर चयन प्रक्रिया पूरी कर सकता है। इससे यह संदेश भी जा रहा है कि पार्टी नेतृत्व अब देरी या अनिच्छा को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है।

आंतरिक संतुलन की चुनौती

हालांकि संगठन का उद्देश्य कार्यकर्ताओं को अवसर देना है, लेकिन जमीनी स्तर पर संतुलन साधना चुनौती बन गया है। सीमित पदों और अधिक दावेदारों के बीच चयन प्रक्रिया भाजपा के लिए राजनीतिक और संगठनात्मक दोनों स्तरों पर अहम परीक्षा साबित हो रही है।


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Content Editor

Himansh sharma

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