BJP नेता का अश्लील वीडियो वायरल, साथ दिख रही युवती को लेकर भी चर्चा, नेता ने फर्जी बताया वीडियो
Wednesday, Oct 21, 2026-08:14 PM (IST)
जशपुर: छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में भाजपा के एक स्थानीय पदाधिकारी का कथित अश्लील डांस वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा में आ गया है। वायरल वीडियो को एक आर्केस्ट्रा कार्यक्रम का बताया जा रहा है। इसमें एक व्यक्ति डांस करते हुए रुपये उड़ाता नजर आने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, वीडियो की प्रामाणिकता और उसमें दिखाई दे रहे व्यक्ति की पहचान की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। मामले में भाजपा नेता जागेश्वर यादव ने सामने आकर वीडियो को फर्जी बताया है। उनका दावा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक की मदद से वीडियो तैयार किया गया है और इसे सोशल मीडिया पर प्रसारित कर उनकी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है।
भाजपा नेता बोले- AI से तैयार किया गया वीडियो
जानकारी के मुताबिक, वायरल वीडियो में नजर आ रहे व्यक्ति की पहचान जागेश्वर यादव के रूप में बताई जा रही है। यादव ग्राम घोघर के उपसरपंच हैं और महादेवडांड़ मंडल में भाजपा उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं।
वीडियो वायरल होने के बाद यादव ने इसकी सत्यता पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि वीडियो वास्तविक नहीं है, बल्कि AI के जरिए बनाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस कथित वीडियो को जानबूझकर प्रसारित किया जा रहा है, ताकि उनकी सामाजिक और राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंचाया जा सके।
प्रधान पाठक समेत दो लोगों पर लगाए आरोप
जागेश्वर यादव ने इस मामले में प्रधान पाठक नागेश्वर महानंदी और धर्मेंद्र गुप्ता पर वीडियो तैयार करने या उससे जुड़े होने का आरोप लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित व्यक्तियों का पक्ष भी उपलब्ध जानकारी में सामने नहीं आया है।
यादव ने अपने कामकाज को ईमानदारी से करने की बात कहते हुए वीडियो को लेकर अपनी आपत्ति जताई है। फिलहाल, यह स्पष्ट नहीं है कि वीडियो किस तारीख और स्थान पर बनाया गया था और इसे सोशल मीडिया पर सबसे पहले किसने साझा किया।
वीडियो की सत्यता पर उठ रहे सवाल
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो को लेकर सबसे बड़ा सवाल इसकी प्रामाणिकता का है। एक ओर वीडियो को आर्केस्ट्रा कार्यक्रम का बताकर प्रसारित किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर भाजपा नेता इसे AI से तैयार किया गया फर्जी वीडियो बता रहे हैं।
अब तक उपलब्ध जानकारी के आधार पर न तो वीडियो में दिखाई देने वाले व्यक्ति की पहचान की पुष्टि हुई है और न ही यह प्रमाणित हुआ है कि वीडियो के साथ किसी प्रकार की छेड़छाड़ की गई है। ऐसे में जांच या विश्वसनीय तकनीकी पुष्टि के बिना वायरल वीडियो को वास्तविक मानना उचित नहीं होगा।
फिलहाल, पूरे मामले में लगाए गए आरोपों और वीडियो की वास्तविकता को लेकर स्थिति स्पष्ट होना बाकी है। यदि मामले में कोई आधिकारिक शिकायत, जांच या पुलिस का बयान सामने आता है, तो उससे घटनाक्रम की पुष्टि करने में मदद मिल सकती है।

