पद पर बैठे दिग्गज भाजपा नेता को 3 साल की जेल, जानिए किस मामले में सुनाई गई सजा
Saturday, May 09, 2026-12:55 PM (IST)
नर्मदापुरम। जिले के पिपरिया क्षेत्र में वर्ष 2012 में हुए एक पुलिस थाने में घुसकर मारपीट और शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने के चर्चित मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी की अदालत ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष बलराम ठाकुर सहित दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए 3-3 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है।
न्यायिक मजिस्ट्रेट मनीष कुमार पारीक की अदालत ने सुनवाई के बाद आरोपी बलराम ठाकुर और दिनेश छीपा को भारतीय दंड संहिता की धारा 458 के तहत 2-2 वर्ष तथा धारा 332 के तहत 1-1 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोनों पर जुर्माना भी लगाया गया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
थाने में घुसकर हुई थी घटना
अभियोजन पक्ष के अनुसार, 5 सितंबर 2012 की रात यह घटना पिपरिया थाने में हुई थी। उस समय प्रधान आरक्षक राजेश सोनी और आरक्षक कमलेश ड्यूटी पर मौजूद थे। आरोप है कि अशोक जैन की शिकायत के सिलसिले में थाने पहुंचे बलराम ठाकुर और उनके साथियों ने पुलिसकर्मियों से अभद्रता की और मारपीट की, जिसमें प्रधान आरक्षक राजेश सोनी को गंभीर चोटें आई थीं।
घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी और बाद में न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया गया। करीब 14 वर्षों तक चले इस मुकदमे में अभियोजन पक्ष ने 15 गवाहों को पेश किया। गवाहों के बयान और प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।
राजनीतिक हलचल तेज
अदालत के इस फैसले के बाद जिले की राजनीति में हलचल देखी जा रही है। लंबे समय से लंबित इस मामले में आए निर्णय को लेकर राजनीतिक और कानूनी हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।

