BJP के दिग्गज विधायक और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के बीच मंच पर तीखी बहस, आपा खो बैठे विधायक, सबके सामने दी गाली
Sunday, May 31, 2026-12:01 PM (IST)
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के बिल्हा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम गोढ़ी में आयोजित सुशासन तिहार शिविर उस समय राजनीतिक अखाड़े में तब्दील हो गया, जब भाजपा विधायक एवं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक और वरिष्ठ कांग्रेस नेता राजेंद्र शुक्ला के बीच मंच पर ही तीखी बहस छिड़ गई। देखते ही देखते माहौल इतना गरमा गया कि दोनों दलों के समर्थक आमने-सामने आ गए और कार्यक्रम में जमकर नारेबाजी शुरू हो गई। घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
किसानों के मुद्दों से शुरू हुई बहस
जानकारी के अनुसार, सुशासन तिहार शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर पहुंचे थे। इसी दौरान कांग्रेस नेता राजेंद्र शुक्ला ने किसानों को खाद-बीज उपलब्ध कराने, बिजली-पानी की समस्या, जर्जर सड़कों और अन्य मूलभूत सुविधाओं के मुद्दे उठाए। उन्होंने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते हुए आरोप लगाया कि जनता की शिकायतों और आवेदनों का समय पर निराकरण नहीं हो रहा है।
शुक्ला ने मंच से सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर भी कई सवाल किए। उनके आरोपों के जवाब में विधायक धरमलाल कौशिक ने राज्य सरकार की योजनाओं और विकास कार्यों का पक्ष रखते हुए जवाब देना शुरू किया।
अधिकारियों से जवाब मांगने पर बढ़ा तनाव
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कांग्रेस नेता द्वारा लगातार सवाल उठाए जाने और अधिकारियों से जवाब मांगे जाने के दौरान मंच का माहौल तनावपूर्ण होता चला गया। इसी बीच दोनों नेताओं के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। बहस बढ़ने के साथ ही समर्थकों ने भी नारेबाजी शुरू कर दी, जिससे कार्यक्रम का माहौल पूरी तरह राजनीतिक रंग में रंग गया।
‘चोर-चोर’ के नारों के बाद भड़के विधायक
विवाद उस समय और बढ़ गया जब कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध स्वरूप ‘चोर-चोर’ के नारे लगाने शुरू कर दिए। आरोप है कि इस नारेबाजी से नाराज विधायक धरमलाल कौशिक ने अपना आपा खो दिया और आक्रोशित होकर आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया। इस दौरान मंच और कार्यक्रम स्थल पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी जैसी स्थिति बन गई।
स्थिति को बिगड़ता देख प्रशासनिक अधिकारियों और अन्य जनप्रतिनिधियों ने तत्काल हस्तक्षेप किया तथा दोनों पक्षों को शांत कराया। इसके बाद कार्यक्रम को आगे बढ़ाया गया और माहौल सामान्य करने का प्रयास किया गया।
विधायक ने व्यक्तिगत विवाद से किया इनकार
घटना के बाद विधायक धरमलाल कौशिक ने किसी भी व्यक्तिगत विवाद से इनकार करते हुए कहा कि जब वे शिविर में पहुंचे, तब कांग्रेस नेता अधिकारियों से ऊंची आवाज में सवाल-जवाब कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य जनता की समस्याओं का समाधान करना है और प्रत्येक व्यक्ति को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन शासकीय कार्यों में व्यवधान उत्पन्न करना उचित नहीं है।
VIDEO वायरल, सियासत तेज
मंच पर हुई इस तीखी नोकझोंक और कथित अभद्र भाषा के इस्तेमाल का वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। विपक्ष इस मुद्दे को लेकर सरकार और भाजपा पर निशाना साध रहा है, जबकि भाजपा इसे विपक्ष की सुनियोजित राजनीतिक रणनीति बता रही है। ऐसे में सुशासन तिहार का यह कार्यक्रम अब प्रशासनिक पहल से ज्यादा राजनीतिक विवाद के कारण सुर्खियों में आ गया है।

